Harbhajan Singh on MS Dhoni Leadership : भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी एक कप्तान, एक लीडर और एक गुरु के रूप में हमेशा अपने साथी खिलाड़ियों की मदद करते रहे हैं. मगर एक ऐसा किस्सा भी है जब धोनी ने शार्दुल ठाकुर की मदद करने से मना कर दिया था. दरअसल यह मामला चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) का है, जिसमें धोनी और शार्दुल ठाकुर एकसाथ खेल चुके हैं. 2018-2020 तक हरभजन सिंह भी CSK के लिए खेले थे और अब उन्होंने एमएस धोनी के एक अनसुने किस्से की गाथा सुनाई है.


हरभजन के अनुसार एमएस धोनी कभी मैच का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश नहीं करते बल्कि वो अपने साथी गेंदबाजों को सपोर्ट करने का प्रयास करते हैं. उन्होंने कहा, "मुझे एक मैच याद है जब हम CSK के लिए खेल रहे थे. धोनी विकेटकीपर थे, मैं शॉर्ट फाइन लेग पोजीशन पर खड़ा था. शार्दुल ठाकुर गेंदबाजी कर रहे थे और केन विलियमसन ने उनकी पहली ही गेंद पर चौका जड़ दिया. अगली बॉल उसी लेंथ पर आई और विलियमसन ने उसी शॉट को दोहराया. मैं धोनी के पास गया और शार्दुल को अलग लेंथ पर गेंदबाजी करने की सलाह देने के लिए कहा."


आज बता दिया तो...


हरभजन ने अपनी बात को आगे जारी रखते हुए बताया, "धोनी ने मुझसे कहा, 'पाजी आज बता दिया ना, तो ये कभी नहीं सीखेगा. उसे खुद लेंथ की परख होने दीजिए.' धोनी का सोचने का तरीका यह था कि शार्दुल ज्यादा बाउंड्री खाने के बाद खुदसीख जाएंगे. यह है एमएस धोनी का तरीका."


हरभजन भी हुए धोनी के फैन


महेंद्र सिंह धोनी को अपने धैर्यपूर्ण स्वभाव के लिए जाना जाता है, वो मैदान में सब्र से काम लेते हैं इसलिए उन्हें कैप्टन कूल के नाम से भी जाना जाता है. हरभजन ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि, "धोनी हमेशा सब्र से काम लेते हैं. उनकी दूसरी सबसे खास चीज यह है कि वो जिस चीज को पाना चाहते हैं उसके लिए स्पष्ट रुख सामने रखते हैं. धोनी की तीसरी खासियत यह है कि उनकी खुद जीतने की काबिलियत का पूरी टीम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है."


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