आईसीसी क्रिकेट विश्वकप 2019 में हार के बाद अब टीम इंडिया में बदलाव की प्रक्रिया जोरों पर हैं. जहां एक तरफ एमएस धोनी के टीम में होने ना होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं. वहीं अब टीम के नए कोच और सपोर्टिंग स्टाफ के लिए भी आवेदन मंगाए गए हैं. लेकिन इसी बीच बीसीसीआई के अंदर से ऐसी आवाज़ें भी आ रही हैं कि टीम इंडिया के बेहतर भविष्य और विराट कोहली को आगे बढ़ने में मदद मिले इसके लिए रवि शास्त्री को उनके पद पर बरकरार रहने दिया जाए.


भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का कामकाज देखने के लिए सर्वोच्च अदालत द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने भारतीय टीम के मुख्य कोच और सपोर्टिग स्टाफ के लिए आवेदन मांगे हैं.


बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि टीम के इस बदलाव के दौर में शास्त्री और कोहली का अपने पद पर बने रहना महत्वपूर्ण था क्योंकि टीम 2020 के टी-20 विश्व कप को देखते हुए युवाओं को मौका देना चाहती है.


अधिकारी ने कहा, "बदलाव के इस दौर में लंबे समय तक कुछ भी स्थायी नहीं होना चाहिए. शास्त्री और कोहली एक-दूसरे के पूरक हैं और इस सफल टीम के आधा हिस्से को बदलना सही नहीं होगा."


अधिकारी ने कहा कि टीम में निरंतरता बनाए रखना महत्वपूर्ण था क्योंकि कोच के बदलाव का मतलब यह हो सकता है कि नए कोच खिलाड़ियों को शुरूआत से अपने तरीकों से ढालेंगे.


उन्होंने कहा, "कोच का बदलाव उस समीकरण को बिगाड़ने वाला साबित हो सकता है जो मौजूदा खिलाड़ियों को बाहर निकालने के लिए मानसिक स्थान की अनुमति देता है. अगर इस समय बदलाव किया जाता है तो यह अगले पांच वर्षों के लिए रणनीति और योजना का बदलाव होगा."


बीसीसीआई ने राष्ट्रीय टीम के कोचिंग स्टाफ के लिए आवेदान मांगे हैं. टीम के मौजूदा कोच रवि शास्त्री और उनके सहयोगियों को हालांकि आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उन्हें इंटव्यू में सीधे प्रवेश मिलेगा.


विश्व कप समाप्त होने के बाद मौजूदा कोचिंग स्टाफ का कार्यकाल समाप्त हो गया था, लेकिन इनके कार्यकाल को 45 दिन का विस्तार दिया गया था.