क्रिकेट लीजेंड महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय टीम और अपने फैंस को अबतक वो सबकुछ दिया जिसकी उन्हें चाह थी. लेकिन क्या ये पूर्व कप्तान एक और वर्ल्ड कप टाइटल में फिट हो पाएगा? विराट कोहली की कप्तानी में खेल रहे महेंद्र सिंह धोनी को एक वक्त बिल्कुल अलग कर दिया गया था जब उनके बल्ले से रन निकलने बंद हो गए थे. लेकिन माही ने वापसी कर सबके मुंह पर ताला लगा दिया. धोनी ने अपने स्टाइल में ही वापसी की. वहीं अगर विकेटकीपिंग की बात करें तो इस डिपार्टमेंट में धोनी का कोई जवाब नहीं है.


धोनी ने इंग्लैंड में कुल 20 इनिंग्स खेले हैं जहां उन्होंने 665 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका एवरेज 36.94 का है. इंग्लिश कंडिशन में धोनी के नाम कुल 6 अर्धशतक है लेकिन अभी तक उनके बल्ले से कोई शतक नहीं निकला है. अगर टॉप ऑर्डर लड़खड़ाता है तो धोनी की इकलौते ऐसे बल्लेबाज बचेंगे जो इनिंग्स को संभाल सकते हैं. वहीं अगर विराट कोहली और स्टॉफ को और बेहतरीन प्रदर्शन चाहिए तो धोनी को टॉप ऑर्डर में भेजना होगा.


बता दें कि ये धोनी का चौथा वर्ल्ड कप है जहां उनका एवरेज 42.25 का है. ये 17 इनिंग्स का है जहां उन्होंने कुल 507 रन बानए हैं. वहीं अभी तक बल्ले से कोई शतक नहीं निकला है. इससे पहले का बेस्ट स्कोर 91 रनों का था जो उन्होंने साल 2011 के वर्ल्ड कप के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ खेला था. धोनी के नाम कुल 314 कैच और 120 स्टंपिंग्स हैं जो उन्हें सबसे बेस्ट बनाती है. लेकिन सवाल यही है कि अगर धोनी के ये सभी हथियार एक साथ चले तो इसमें कोई दो राय नहीं एक बार फिर भारतीय क्रिकेट टीम इस विश्व कप की चैंपियन बन सकती है.