नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच चल रहे तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन मैदान पर कुछ ऐसा देखने को मिला जिससे सभी हैरत में पड़ गए. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कैमरन बैनक्रॉफ्ट बॉली टैंपरिंग (गेंद से छेड़छाड़) करते पाए गए. ब्रेनक्रॉफ्ट को मैच के दौरान अपने पैंट से कोई पीले रंग की वस्तु निकालते हुए देखा गया था. इसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव स्मिथ को कप्तानी से हटा दिया है.
बॉल टैंपरिंग के ये मामला कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इस जेंटलमैन खेल में बॉल टेंपरिंग का दाग खिलाड़ियों पर लगाते रहा है.
ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ बॉल टेंपरिंग की, लेकिन ऐसा नहीं है कि अफ्रिकी टीम दूध की धुली हो. पिछले पांच सालों में साउथ अफ्रीक के तीन खिलाड़ी ऐसे ही घटनाओं में गुनहगार साबित हुए हैं जिसमें से एक नाम उनके कप्तान फाफ डू प्लेसिस का भी है.
फाफ 2016 में होबार्ट टेस्ट के दौरान मिठी टॉफी खाकर उसके पानी का इस्तेमाल बॉल चमकाने में करते पाए गए थे. आईसीसी ने फाफ को इसके लिए दोषी पाए गए थे. उन पर मैच फीस का 100 फीसदी का जुर्माना लगाया था.
डु प्लेसिस पर दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ 2013 के मुकाबले में गेंद की स्थिति बदलने के लिए किसी विदेशी ऑब्जेक्ट का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था. वो अपने ट्राउज़र की जेब की चेन से बॉल को दूसरी दिशा में रगड़ते पाए गए थे जिसके लिए उनपर 50 फीसदी का जुर्माना लगाया गया था.
इसके अलावा एक साल बाद सॉउथ अफ्रीका के वर्नोन फिलांडेर अपनी उंगलियों और अंगूठे से बॉल को स्क्रैच करने को लेकर दोषी पाए गए थे.
साल 2006 में पाकिस्तान और इंग्लैड के बीच हुए मुकाबले में बेहद नाटकीय चीज़ें देखने को मिली थीं. इस मैच में अंपायर डैरेल हेयर और बिली डॉक्ट्रोव ने ये कहते हुए इंग्लैंड को पांच पैनल्टी रन दे दिए कि पाकिस्तान ने बॉल टेंपरिंग की है. इस फैसले का विरोध करते हुए टी ब्रेक के बाद कप्तान इंजमाम उल हक ने मैदान पर आने से इंकार कर दिया. जिसके बाद अंपायर्स ने इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया था. बाद में आईसीसी ने पाकिस्तान पर लगे इस आरोप को वापिस ले लिया और मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया.
बॉल टेंपरिंग के मामले में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर को भी एक मैच का बैन झेलना पड़ चुका है. साल 2001 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सचिन को बॉल की सीम को घिसते हुए पाया गया था, लेकिन वो सिर्फ घास हटा रहे थे. इस मामले में अंपायर माइक डेनिस ने सचिन पर एक मैच का बैन लगाया था.
इस घटना के बाद इंडियन फैंस ने अंपायर डेनिस पर नस्लवाद का आरोप लगाया. बाद में आईसीसी ने तेंडुलकर को आरोप मुक्त कर दिया. लेकिन तीसरे टेस्ट मैच का टेस्ट दर्जा रद्द कर दिया गया क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने डेनिस को मैच रेफरी के रूप में स्वीकार करने से इनकार कर दिया था.
साल 1994 में इंग्लैंड के कप्तान माइक एथरटन बॉल टेंपरिंग के दोषी पाए गए. उनको अपनी जेब से कुछ निकालकर बॉल पर रगड़ते देखा गया था, लेकिन एथरटन ने इन आरापों से इंकार किया और कहा था कि वो बस जेब से धूल निकालकर अपने हाथ को सूखा रखने की कोशिश कर रहे थे. उनपर टेंपरिंग का चार्जेस तो नहीं लगाए गए लेकिन धूल के बारे में मैच रेफरी को जानकारी नहीं देने के लिए उनपर दो हजार यूरो का जुर्माना लगाया गया था.