Yuvraj Singh: टीम इंडिया आईसीसी टूर्नामेंट्स में लगातार क्यों हार रही है? युवराज सिंह ने बताया जीत का फॉर्मूला
Indian Cricket Team: युवराज सिंह का मानना है कि खिलाड़ियों को दबाव झेलना सीखना होगा. अगर खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट्स का दबाव झेलने में कामयाब हो जाते हैं तो फिर कोई परेशानी नहीं होगी.

Yuvraj Singh On Team India: पिछले तकरीबन 10 सालों से टीम इंडिया आईसीसी ट्रॉफी जीतने में नाकाम रही है. भारतीय टीम आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2013 जीती थी, लेकिन इसके बाद से आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाई है. हालांकि, टीम इंडिया कई बार आईसीसी टूर्नामेंट्स के फाइनल और सेमीफाइनल तक पहुंची, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत सकी. भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप 2007 के बाद वनडे वर्ल्ड कप 2011 जीती. इस जीत में टीम इंडिया के ऑलराउंडर युवराज सिंह का अहम योगदान रहा. बहरहाल, अब युवराज सिंह ने टीम इंडिया के आईसीसी टूर्नामेंट्स जीतने का फॉर्मूला बताया है.
'अगर भारत को आईसीसी ट्रॉफी जीतना है तो...'
युवराज सिंह का मानना है कि अगर भारत को आईसीसी ट्रॉफी जीतना है तो खिलाड़ियों को दवाब झेलना सीखना होगा. अगर टीम इंडिया के खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट्स का दबाव झेलने में कामयाब हो जाते हैं तो फिर जीतने में कोई परेशानी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि हमने तीनों में फॉर्मेट में कई फाइनल खेले, लेकिन जीत नहीं सके. ऑस्ट्रेलिया ने 6 बार वनडे वर्ल्ड कप जीता है, हमने 2 बार जीता है. हम कैसे बड़े टूर्नामेंट्स जीते सकते हैं, इस पर काम करने की जरूरत है. हम बड़े टूर्नामेंट्स के लिए शारीरिक तौर पर काफी मेहनत करते हैं, लेकिन मानसिक पर काम नहीं कर पाते हैं.
'हमारे खिलाड़ियों को मानसिक तौर पर काम करने की जरूरत'
युवराज सिंह ने कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट्स के लिए हमारी टीम को मानसिक तौर पर तैयार होना होगा. हमारी टीम में ऐसे बैट्समैन होने चाहिए, जो दबाव में खेल सके, ऐसे 1-2 खिलाड़ियों को नहीं बल्कि पूरी टीम को तैयार होना होगा. हमारे खिलाड़ियों को शारीरिक मेहनत के अलावा मानसिक तौर पर काम करने की जरूरत है. युवराज सिंह कहते हैं कि अभी मेरे बच्चे बड़े हो रहे हैं. बच्चों के बड़े होने के बाद कोचिंग जॉब करना पसंद करूंगा, खिलाड़ियों को बेहतर करूंगा, खासकर मानसिक तौर पर.
ये भी पढ़ें-
Shikhar Dhawan: 'ठंडे मिजाज और आक्रामकता...; MSD और विराट कोहली की कप्तानी पर क्या बोले शिखर धवन?
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस

