लेकिन आज की टक्कर में एक दिलचस्प वाक्या भी हुआ. जी हां, आज मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया की टक्कर में भारतीय मूल के 11 नहीं बल्कि 13 खिलाड़ी अपना जौहर दिखा रहे थे. खबर के पहले पैराग्राफ में जेसन सांघा का नाम पढ़कर आप समझ गए होंगे कि हम ऐसा क्यों कह रहे हैं. आज मैदान पर 11 खिलाड़ी भारत के थे और 2 खिलाड़ी भारतीय मूल के थे.
अंडर-19 वर्ल्ड कप में उप-विजेता टीम जेसन जसकीरत संगा भारतीय मूल के हैं. उनके पिता कुलदीप सांगा पंजाब के बठिंडा जिले के रहने वाले हैं. लेकिन जेसन ऑस्ट्रेलिया में रहे और पले बड़े हैं.
जेसन का जन्म 1999 में न्यू साउथ वेल्स में हुआ और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट को देखकर उन्होंने क्रिकेट में अपनी रूचि दिखाई. जेसन ने इस विश्वकप में बेहतरीन प्रदर्शन कर अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाया. साथ ही किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में अपने देश की अगुवाई करने वाले पहले भारतीय मूल के खिलाड़ी भी बने.
उन्होंने इस टूर्नामेंट में दो अर्धशतकों के साथ कई अहम पारियां भी खेलीं.
जेसन के अलावा दूसरे भारतीय मूल के खिलाड़ी जो आज 22 खिलाड़ियों में मैदान पर थे उनका नाम है परम उप्पल. आज बल्ले और गेंद से शानदार खेल दिखाने वाले परम अपनी टीम को जीत तो नहीं दिला पाए लेकिन अपनी एक पहचान ज़रूर बना ली.
पंजाब के मोहाली में रहने वाले परम के पिता दविंद्र सिंह साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया जा बसे थे. इससे पहले वे पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत करते थे. ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने रेल्वेज ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में काम किया.
परम लगभग तीन-चार साल की उम्र में ही सिडनी चले गए थे और वहीं बस गए.