औरंगाबाद पुलिस के हत्थे चढ़े आठ नक्सली, भारी मात्रा में अवैध आग्नेयास्त्र बरामद
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नबीनगर थाना क्षेत्र में नहर निर्माण कर रहे कंपनी के संवेदक से हथियारबंद नक्सलियों के जरिए लेवी की मांग गई थी. इसके अलावा कई अन्य मामलों में भी इनकी संलिप्ता पाई गई है.

Aurangabad News: औरंगाबाद पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे स्पेशल ऑपरेशन में बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने एसटीएफ के साथ चलाए गए संयुक्त अभियान में प्रतिबंधित नक्सली संगठन जेजेएमपी के आठ बड़े नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में अवैध आग्नेयास्त्र और अन्य सामान भी बरामद किए हैं. मंगलवार को औरंगाबाद के एसपी अम्बरीष राहुल ने यह जानकारी दी है.
नक्सल के खिलाफ पुलिस को मिली बड़ी उपलब्धि
इस बड़ी उपलब्धि को साझा करते हुए एसपी ने बताया कि गिरफ्तार हुए नक्सलियों में नवीनगर थाना क्षेत्र के बेला खैरा गांव निवासी बल्ली राम, माली थाना क्षेत्र के वीरवाल बिगहा निवासी मिथलेश यादव, बेरिया गांव निवासी कृष्णा पाल, जसोईया गांव निवासी लालू सिंह, टंडवा थाना क्षेत्र के बेनी गांव निवासी नरेश राम, बड़ेम ओपी थाना क्षेत्र के नावाडीह निवासी मिथलेश सिंह, नरारी कला खुर्द थाना क्षेत्र के कुडवां निवासी छोटन कुमार एवं झारखंड के जपला जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के चापनकर गांव निवासी छोटू सिंह उर्फ राकेश कुमार सिंह के रुप में की गई हैं.
इनके पास से चार लॉग रेंज राइफल, एक थ्री-नट राइफल, 12 जिंदा कारतूस राइफल, एक 7.62 मिमी जिंदा कारतूस, सात पिस चितकबारा वर्दी, एक मैन पैक, भाकपा माले का लेटर हेड, झारखंड जनमुक्ति मोर्चा परिषद का लेटर हेड, लेवी की मांग एवं उसके हिसाब लेखा जोखा से संबंध डायरी एवं पुर्जा और मोबाइल फोन जैसे लेवी की मांग जा रही थी.
पकड़े गए नक्सलियों में नरेश राम उर्फ नवीन एवं कृष्णा पाल का अपराधिक इतिहास रहा हैं, जिसमें नरेश राम उर्फ नवीन पर हुसैनाबाद थाना में आर्म्स एक्ट एवं 17 सीएलए एक्ट के अलावा चार अन्य मामला दर्ज हैं. वहीं कृष्णा पाल पर मदनपुर थाना में आर्म्स एक्ट एवं 17 सीएलए एक्ट सहित अन्य मामलों में प्राथमिकी दर्ज है.
पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने बताया कि सात मार्च को नबीनगर थाना क्षेत्र में नहर निर्माण कर रहे कंपनी के संवेदक से क़रीब 8 से 10 की संख्या में रहे हथियारबंद नक्सलियों के जरिए भाकपा माओवादी का पर्चा देकर लेवी की मांग गई थी. इसके बाद संवेदक के द्वारा नबीनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसमें कांड गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार पांडे के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया.
औरंगाबाद पुलिस एवं एसटीएफ के संयुक्त ऑपरेशन में आसूचना संकलन एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर नक्सलियों की पहचान की गई. इसमें 23 मार्च को तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें आवश्यक पूछताछ के बाद उन्हें पूर्व में जेल भेज दिया गया. वहीं छापेमारी के दौरान आज पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए इन नक्सलियों में अधिकांश का नक्सल कांडों में अपराधिक इतिहास रहा है. अन्य का अपराधिक इतिहास प्राप्त किया जा रहा है.
नक्सलियों ने कई घटना में अपनी संलिप्ता स्वीकार की
पूछताछ के क्रम में इन सभी ने उक्त घटना में अपनी संलिप्ता स्वीकार की है. इसके अलावा सभी ने कई ईंट भट्टा मालिकों से, सरकारी प्रोजेक्टों के कई संवेदकों से एवं सोन नदी के दियरा क्षेत्र में खेती कर रहे किसानों से रंगदारी कलेक्ट करने की बात स्वीकार की है. इनके जरिए पूर्व के कई कुख्यात नक्सली जैसे कि राजेंद्र सिंह, बीरबल पासवान, एनुल मियां, सीताराम रजवार उर्फ रमन जी, नितेश यादव आदि से अपने गंभीर संबंधों की बात कही गई है.
एसपी अम्बरीष राहुल ने बताया कि इन नक्सली गिरोह के सभी सदस्यों के गिरफ्तार होने एवं इनके हथियार की बारामदगी होने से नक्सली गतिविधि में कमी आएगी तथा इनका मनोबल गिरा है. उन्होंने कहा कि इस प्रशंसनीय सफलता के लिए विशेष टीम के सभी सदस्यों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किए जाएंगे.
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