पटनाः इंटर या रसायन शास्त्र से बीएससी करने वाले युवाओं को बिहार सरकार रोजगार की दृष्टि से मदद करने जा रही है. ऐसे युवाओं को सरकार की ओर से पांच लाख रुपये की मदद की जाएगी. कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को विधान परिषद में इसके संबंध में जानकारी दी. बताया कि राज्य सरकार की योजना हर गांव में मिट्टी जांच प्रयोगशाला खोलने की है. गांव में प्रयोगशाला स्थापना के लिए राज्य सरकार किराया भी देगी.
अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभी 28-30 गांवों में प्रयोग के तौर पर इसे शुरू किया गया है, लेकिन हर गांव में सरकार यह व्यवस्था करना चाहती है. प्रत्येक नमूने की जांच पर 60 रुपये का भुगतान करना होगा. अभी तक 3.33 लाख किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है, जबकि 2.73 लाख नमूनों की जांच की जा चुकी है. मंत्री विधान परिषद में सोमवार को रामचंद्र पूर्वे के अल्पसूचित और संजय पासवान के प्रश्नों का जवाब दे रहे थे.
नौकरी को लेकर विधान परिषद में उठा सवाल
इधर बिहार विधान परिषद में रोजगार के मुद्दे पर भी खूब चर्चा हुई. विधान परिषद के शून्यकाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा ने बेगूसराय के शहीद ऋषि रंजन के स्वजनों के लिए मुआवजे की राशि और नौकरी नहीं मिलने का सवाल उठाया. मदन मोहन झा ने कहा कि पिछले चार महीनों में वह कई बार सरकार से मिलने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन ना तो उनके परिजनों को 50 लाख का मुआवजा मिला और ना सरकारी नौकरी.
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