Bihar Land Survey Update: बिहार में भूमि सर्वे का काम हो रहा है और आम लोगों को हो रही परेशानी के बीच एक राहत वाली खबर आई है. अब सीओ मनमानी नहीं कर सकेंगे. इसको लेकर सख्त निर्देश जारी हो गया है. पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने काम में तेजी लाएं नहीं तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी. बीते सोमवार (11 नवंबर) को डीएम ने समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिया है.
समीक्षा में यह पाया गया कि पटना शहरी क्षेत्र के अंचल कार्यालयों में पटना सदर, फुलवारी शरीफ, संपतचक, बिहटा और धनरूआ में अंचलाधिकारी का कार्य बहुत ज्यादा खराब है. इन जगहों पर कई ऐसे मामले हैं जो 75 दिनों से ज्यादा लंबित हैं. इसी को लेकर पटना के डीएम ने निर्देश दिया है कि इसका निपटारा किया जाए.
डीएम चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को जिले के सभी डीसीएलआर, अंचलाधिकारी और भूमि सर्वे के काम में लगे पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. डीएम ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से हमें पता चलता है कि दाखिल-खारिज आवेदनों का ससमय निष्पादन नहीं किया जाता है. बिना उचित कारण के आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया जाता है. यह बहुत आपत्तिजनक है.
डीसीएलआर को दिया गया जांच और निरीक्षण का निर्देश
उन्होंने डीसीएलआर को निर्देश दिया कि अंचल अधिकारियों की ओर से अस्वीकृत किए गए आवेदन की दोबारा जांच करें. प्रत्येक सप्ताह में अंचल कार्यालय का निरीक्षण करें. इसके अलावा अंचल कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारी पदाधिकारी के कामों की समीक्षा करें. समीक्षा और जांच की रिपोर्ट हमें दें. इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
कहां कितने मामले लंबित? बिहटा में सबसे अधिक दिक्कत
75 से अधिक दिनों से लंबित दाखिल-खारिज के मामलों की समीक्षा की गई तो खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में बिहटा पहले नंबर है. यहां 4328 मामले लंबित पाए गए. इसके अलावा पटना सदर में 4159, संपतचक में 3733, धनरूआ में 2471 और फुलवारीशरीफ में 2279 मामले लंबित मिले. डीएम ने साफ कहा कि खारिज-दाखिल एवं परिमार्जन में शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
यह भी पढ़ें- महागठबंधन में एक और 2 नंबर की कुर्सी फाइनल! बगल में बैठे थे तेजस्वी और सहनी ने कर दिया ये ऐलान
