'नीतीश कुमार शारीरिक तौर पर थके हुए हैं', प्रशांत किशोर ने भी कर दी सीएम के इस्तीफे की मांग
Prashant Kishor: प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार सरकार को सीएम के स्वास्थ्य पर बयान जारी करना चाहिए. नीतीश कुमार शारीरिक तौर पर थके हुए और मानसिक तौर पर बीमार हैं.

Samastipur News: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर शनिवार को जन सुराज उद्घोष यात्रा के तहत एक दिवसीय दौरे पर समस्तीपुर पहुंचे. इस दौरान प्रशांत किशोर का पंसलवा चौक, चकलालशाही, सहबाजपुर, दलसिंहसराय, गोसपुर, तरैया मैदान आदि स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों ने स्वागत किया. इसके साथ ही उन्होंने विभूतिपुर प्रखंड में स्थित सिंघियाघाट दुर्गा मैदान में मौजूद हजारों लोगों को संबोधित किया.
सीएम से इस्तीफे की मांग
वहीं प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीएम पद से इस्तीफा देने की मांग भी कर दी. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठ रहे हैं. जन सुराज और मैं खुद पिछले 2 महीने से हर मंच से सरकार से अपील कर रहा हूं कि नीतीश कुमार के मानसिक स्वास्थ्य की जांच होनी चाहिए.
उन्होंने यह मांग इसलिए कि क्योंकि जब बीपीएससी आंदोलन चल रहा था, तब उन्हें पता चला कि हाल ही में नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि वे विषयों को समझ नहीं पा रहे हैं और न ही यह जान पा रहे हैं कि जिस राज्य के वे मुख्यमंत्री हैं, वहां क्या चल रहा है.
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नीतीश शारीरिक तौर पर थके हुए और मानसिक तौर पर बीमार हैं. अब वह सरकार चलाने और फैसले लेने के लिए पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं इसलिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए. आश्चर्य की बात यह है कि उनकी सहयोगी भाजपा भी इस बात से वाकिफ है कि नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन दिल्ली की सरकार चलाने के लिए वे बिहार की जनता के साथ अन्याय कर रही है.
वहीं महागठबंधन पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा कि पहले महागठबंधन तो बन जाने दीजिए. अभी यह पता नहीं है कि महागठबंधन में कौन-कौन सी पार्टियां हैं. राजद महागठबंधन में एक पार्टी है, लेकिन कांग्रेस इसमें रहेगी या नहीं, अगर रहेगी तो कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी. अभी कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपना प्रदेश अध्यक्ष बदला है, इसलिए अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है. चुनाव तक महागठबंधन में खींचतान जारी रहेगी.
प्रशांत किशोर ने क्या कहा?
वहीं जनसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका मकसद विधायक, सांसद या मुख्यमंत्री बनना नहीं है. न ही बालू या शराब का ठेका लेना है. उनका पूरा प्रयास बिहार की मिट्टी का कर्ज चुकाने का है. उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि एक दिन हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र आदि जगहों से लोग रोजगार के लिए बिहार आएं. उनका पूरा प्रयास बिहार के बच्चों का भविष्य सुधारने का है. उन्होंने साफ कहा कि बिहार के बच्चों का भविष्य सुधारने के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे.
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