मधुबनी: देश की मजबूत पार्टी बीजेपी को हराने का प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने तरीका बता दिया है. मंगलवार (31 अक्टूबर) को जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने प्रेस वार्ता के दौरान बीजेपी से जुड़े सवालों का जवाब दिया. उन्होंने साफ-साफ बताया कि बीजेपी के जीतने के चार प्रमुख कारण क्या-क्या हैं.


प्रशांत किशोर ने कहा, "पहला है विचारधारा जिसको आप हिंदुत्व कहते हैं, दूसरा है नेशनलिज्म (राष्ट्रवाद), तीसरा है लाभार्थी और चौथा है उनकी ऑर्गेनाइजेशनल और फाइनेंशियल ताकत. मैंने ये बताया कि अगर आपको बीजेपी को हराना है तो किसी दल को, किसी नेता व गठबंधन को इन चार मजबूत किले-द्वार में से तीन को तोड़ना पड़ेगा."


'जड़ को नहीं सुधारिएगा तो विकास नहीं'


आगे पीके ने कहा कि हमको बिहार को और बिहार की जनता को जिताना है. बीजेपी को नहीं हराना है. बिहार में बीजेपी जीती भी है और हारी भी है. बिहार की जनता की स्थिति तो नहीं बदली. बिहार में लालू-नीतीश जीते भी हैं और हारे भी हैं. कांग्रेस जीती भी है और हारी भी है. हम लोगों ने यूपीए की सरकार देखी और 10 सालों तक एनडीए की सरकार भी देखी. जब तक आप समस्या के मूल को नहीं समझिएगा, जड़ को नहीं सुधारिएगा तब तक विकास संभव नहीं है.


'लोग जाति-धर्म के नाम पर करते हैं वोट'


मधुबनी के बेनीपट्टी में प्रशांत किशोर मीडिया से बात कर रहे थे. उन्होंने आगे कहा कि जड़ में यहां के लोगों की वो प्रवृत्ति है, जहां आप 5 सालों तक अपनी समस्याओं से जूझते हैं, लड़ते हैं, गाते हैं, परेशान रहते हैं, लेकिन जिस दिन वोट देने जाते हैं उस दिन सारी समस्याओं को भूलकर जाति-धर्म के नाम पर, लालू के डर से बीजेपी को और बीजेपी के डर से लालू को वोट करते हैं. इसलिए आपकी समस्या सुलझती नहीं है.


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