Khan Sir News: बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं पीटी परीक्षा को फिर से आयोजित करने की मांग को लेकर मंगलवार को भी पटना में विरोध प्रदर्शन हुआ. एक बार फिर पटना में छात्र और शिक्षक सड़कों पर उतरे. गर्दनीबाग धरना स्थल पर भी कई अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. शिक्षकों में खान सर समेत कई लोग शामिल रहे. वहीं एबीपी न्यूज से बातचीत में खान सर ने कहा कि ये बीपीएससी 2.0 आंदोलन है. इसमें राजनीतिक दल को शामिल नहीं होने देगे. 


'नीतीश कुमार को वोट की चोट दे सकते हैं'


खान सर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो हमें लाठी की चोट दे रहे हैं और हम नीतीश कुमार को वोट की चोट दे सकते हैं. पहले नारा दिया जाता था 'बेटी बचाओ बेटा पढ़ाओ'. हम कह रहे हैं 'बेटी पढ़ाओ और बेटी को सड़क पर बिठाओ'. ये सरकार सुधरने वाली नहीं है. हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं कि धांधली हुई है. जितना जल्दी हो सके सरकार दोबारा एग्जाम कराए.



एक सवाल के जवाब खान सर ने कहा, 'मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं. ये एबीपी न्यूज पर कह रहा हूं. सरकार को नुकसान होगा, अगर ये नहीं तो कोई और सरकार जो आएगी वो कराएगी री-एग्जाम. दोबारा परीक्षा के खिलाफ जो हैं, उनके घर जा कर कहेंगे कि उन्होंने बच्चों के भविष्य पर थूका है.


राजनीतिक दलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए खान सर ने कहा कि राहुल गांधी अपने सांसदों को और तेजस्वी अपने विधायकों को छोड़ कर क्यों आए. सबको लेकर गर्दनीबाग आइए. खान सर ने दावा किया कि सरकार में बैठे कई अधिकारी कभी उनके छात्र रह चुके हैं, इसलिए उन्हें पता है कि सदन में क्या सवाल उठाए जाएंगे.


उन्होंने कहा कि आयोग पर आरोप लग रहे हैं तो सरकार को दर्द हो रहा है. इसका मतलब है कि गड़बड़ है. आम आदमी या बीजेपी दोनों एक जैसी ही पार्टी है. वहां कोचिंग संस्थान में रिश्वतखोरी चल रही है. सरकार का बस चले तो हमें धंसा दे. वहीं उन्होंने कहा कि "सरकारी नौकरियों की सीटें कम हो रही हैं, लेकिन हम छात्रों के हित की लड़ाई लड़ते रहेंगे". 






प्रशांत किशोर पर खान सर ने क्या कहा?

 

प्रशांत किशोर का बयान कि अगर अनशन नहीं तोड़ते, तो मार डालते लोग! प्रशांत किशोर के अनशन तोड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि उन्होंने अनशन इसलिए तोड़ा क्योंकि उन्हें मार डालते लोग! उन्होंने छात्रों के लिए जितना संभव था, किया. 

 

खान सर ने बातचीत में साफ़ कहा कि बीपीएससी अभ्यर्थियों का यह आंदोलन जल्द खत्म होने वाला नहीं है. उन्होंने सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी दी कि अगर री-एग्जाम नहीं हुआ, तो राजनीतिक नुकसान तय है. अब देखने वाली बात होगी कि बिहार सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या छात्रों की यह मांग मानी जाएगी या नहीं.





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