पटना: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनेक घर खरीदारों को कथित रूप से धोखा देने वाली बिहार की एक रियल इस्टेट कंपनी के कर्ता-धर्ताओं के परिसरों पर छापे मारे और धनशोधन रोकथाम कानून के तहत 119 बैंक खातों में लेनदेन पर रोक लगाई, दो लग्जरी कार और कुछ बीमा पॉलिसियां जब्त कीं. एजेंसी ने एक बयान में कहा कि पटना, वाराणसी, लखनऊ और दिल्ली में अग्रणी होम्स प्राइवेट लिमिटेड, इसके अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आलोक कुमार सिंह, विजय राज लक्ष्मी, अल्का सिंह, राणा रणवीर सिंह के साथ कंपनी के ‘प्रमुख कर्मचारी’ सात्विक सिंह और चार्टर्ड एकाउंटेंट निशांत श्रीवास्तव से जुड़े आठ परिसरों पर तलाशी ली गई.


बिहार पुलिस ने कम आठ प्राथमिकियां दर्ज कीं


ईडी ने आरोप लगाया कि अग्रणी ग्रुप ऑफ कंपनीज और उसके निदेशक ने संभावित घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की और उनकी जमा राशि और निवेश को अवैध तरीके से उनके व्यक्तिगत नाम पर या अन्य कंपनियों के नाम पर संपत्तियां खरीदने में लगाया. इस मामले में बिहार पुलिस ने कम से कम आठ प्राथमिकियां दर्ज कीं, जिनके आधार पर धनशोधन का मामला दर्ज किया गया.


73 से ज्यादा शिकायतें मिलीं- ईडी 


ईडी ने कहा कि उसे अग्रणी होम्स प्राइवेट लिमिटेड, पटना, उसके सीएमडी सिंह और अन्य के खिलाफ 73 से ज्यादा शिकायतें मिलीं जिनमें उल्लेख था कि कथित कंपनी ने संभावित घर खरीदारों के साथ 9.73 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की.


'119 बैंक खातों पर रोक लगाई गई'


ऐजेंसी ने कहा कि छापे के दौरान आलोक कुमार सिंह द्वारा उनके और उनकी कंपनी के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों के बैनामों के अलावा 119 बैंक खातों पर रोक लगाई गई और चार बीमा पॉलिसी तथा दो लग्जरी गाड़ियां (अग्रणी होम्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के नाम पर) जब्त की गई.


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