जमुई: जमुई की एक महिला मानव तस्करों की चंगुल में फंस गई है. काम दिलाने के नाम पर उसे विदेश ले जाकर दलालों ने बेच दिया है. घर पर उसके दिव्यांग पति और तीन बच्चे इंतजार कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि पहले महिला को काम दिलाने के लिए दिल्ली बुलाया गया, इसके बाद वहां उसे उसे विदेश भेज दिया गया. परिवार वालों का कहना है कि जिस व्यक्ति ने उसे काम दिलाने की बात कही थी वह दिल्ली के पहाड़गंज इलाके का रहने वाला है.
परिवार वालों ने बताया कि दिल्ली के पहाड़गंज थाना क्षेत्र का रहने वाले वाशिम अख्तर और सन्नू शईद ने फोन कर काम दिलाने की बात कही थी. महिला के भाई ने बताया कि दिल्ली पहुंचने पर उनदोनों ने पासपोर्ट मांगा और उसे अहमदाबाद भेज दिया. इसके बाद वहां से उसे विदेश भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि महिला के पति दिव्यांग हैं. वह कोई काम नहीं कर पाते हैं. उसे तीन बच्चे हैं. महिला ही घर चलाती थी. परिवार वालों को जब इसकी जानकारी हुई तो सबने खोज शुरू की.
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आज दिल्ली कोर्ट में होनी है सुनवाई
महिला के पति ने दिल्ली हाईकोर्ट में केस दर्ज किया है. आज सात जुलाई को इस मामले में सुनवाई होनी है. महिला के भाई ने बताया कि उसकी बहन मूलरूप से जमुई की रहने वाली है. वह बंधन बैंक में काम करती थी. अचानक काम छूट जाने के बाद वह गांव में रहने लगी. उसके पति दिव्यांग हैं, इसलिए घर का पूरा खर्च वही चलाती है. काम खोजने के दौरान ही वह दलालों के चंगुल में फंस गई. महिला के भैसूर ने बताया कि उसने पासपोर्ट कब बनवाया इसकी जानकारी किसी को नहीं है. उन्होंने बताया कि बंधन बैंक में कार्यरत अन्य महिलाएं उसके संपर्क में थीं. दिल्ली पहुंचने पर महिला ने फोन कर बताया कि वह गलत लोगों के चंगुल में फंस गई हैं. इसके बाद परिवार वालों ने महिला की खोजबीन शुरू की. महिला के पति और तीनों बच्चे समेत परिवार के लोग परेशान हैं.
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