Winter Session Of Bihar Legislative Assembly: बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज शुक्रवार (29 नवंबर) को आखिरी दिन है. आज भी विपक्ष सरकार को पूरी तरह घेरने के मूंड में है. वजह भी साफ है, अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. बिजली बिल, बेरोजगारी और आरक्षण को महागठबंधन मुद्दा बना रहा है. आरजेडी के विधायक बैनर पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, पोस्टर पर लिखा है नौकरी रोजगार मतलब तेजस्वी, युवाओं की आस तेजस्वी.
'तेजस्वी ही युवाओं को रोजगार दे सकते हैं'
आरजेडी विधायक अखतरुल इस्लाम शाहीन ने कहा कि जब बिहार में महागठबंधन की सरकार थी तब तेजस्वी यादव ने पांच लाख से उपर रोजगार दिया. एनडीए सरकार में बेरोजगारी चरम पर है. युवाओं को नौकरी नहीं दी जा रही है. बहाली निकाली भी जाती है तो मामला कोर्ट में चला जाता है. बहाली रुक जाती है. नौकरी मैन हैं तेजस्वी. वही युवाओं को रोजगार दे सकते हैं.
इस पर बीजेपी विधायक पवन जयसवाल ने कहा कि तेजस्वी अगर नौकरी देते भी हैं तो उसके बदले में जमीन लेते हैं. उनका पूरा परिवार यही करता है. नौकरी देने के बदले जमीन लेता है. इस तरह का रोजगार युवाओं को नहीं चाहिए. 12 लाख नौकरी देने का वादा एनडीए सरकार ने किया है. युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है. एक साल चुनाव में है. 12 लाख रोजगार का वादा जो है, हम लोग जरुर पूरा करेंगे. बिहार के युवा आरजेडी के बहकावे में नहीं आएंगे. एनडीए सरकार नौकरी दे रही है.
हंगामें के बीच बिहार विधानसभा की कार्यवाही
बता दें कि पांच दिनों के छोटे से सत्र में बिहार विधानसभा की कार्यवाही हंगामें के बीच गुजर गई. आज आखिरि दिन भी सदन के ठीक से चलने की उम्मीद कम ही दिख रही है. कुछ विधेयक भले ही सदन से पास हो गए लेकिन जनता के अहम मुद्दों पर सवाल सदन के पटल तक नहीं पहुंच सके और हंगामें के शोर में इस बार भी दब गए. हालांकि विपक्ष स्मार्ट मीटर के जरिए ज्यादा बिजली बिल वाले जनहित के मुद्दे को सदन में जोरदार तरीके से रखने में कामयाब रहा.
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