नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में पुलिस द्वारा युवक की बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है. मामला जिले के नूरसराय थाना से जुड़ा हुआ है. पीड़ित युवक की पहचान जिले के गोविंदपुर-बेलदरिया गांव निवासी अरविंद चौहान के 23 साल के बेटे सिकन्दर कुमार के रूप में की गई है. पिटाई के कारण घायल शख्स को गुरुवार को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. उसके जख्म घटना की गवाही दे रहे हैं कि उसके साथ किस प्रकार की बर्बता हुई है.


बिना किसी नोटिस घर में घुसी पुलिस 


जख्मी ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे कुछ पुलिस कर्मी सीढ़ी के सहारे घर में घुस आए. शोर सुन परिवार की नींद खुल गई. मां ने आने का कारण पूछा तो पुलिसकर्मी गालियां देने लगे और कहा कि तुम बेटे से चोरी कराती हो. इसके बाद पुलिस कर्मी उसे उठाकर अपने साथ गोलापर हवाई अड्‌डा के मैदान में ले गए.


थानाध्यक्ष ने आरोप को बताया गलत


आरोप है कि यहां 8-9 पुलिसकर्मी दोनों हाथों से उसकी लाठियों से पिटाई करने लगे. निर्दोष होने के बावजूद उसकी बेरहमी से पिटाई की गई. मारपीट के बाद उसे थाने ले जाया गया, जहां से अगले दिन उसे रिहा कर दिया गया. इस संबंध में जब थानाध्यक्ष विरेंद्र चौधरी से पूछा गया तो उन्होंने पिटाई के आरोप से इंकार करते हुए कहा कि युवक को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था. पिटाई का आरोप गलत है.


ऐसे में सवाल उठता है कि जब पुलिस ने पिटाई नहीं कि तो युवक की ऐसी दशा कैसे हुई. क्योंकि आरोप सही या गलत हैं ये जांच का विषय है. लेकिन युवक के जख्म असली हैं और इसके लिए किसी प्रमाण की जरूरत नहीं है. 


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