Gaya News: गया में डेंगू के कहर के बाद अब डायरिया ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है. जिले के आमस प्रखंड के लालडीह गांव में चापाकल और तालाब में जमे दूषित पानी लोगों का प्यास बुझा रहा है जिससे यह हुआ कि गांव के दो मासूम की मौत हो गई है. वहीं, 15 लोग डायरिया ग्रसित हो गए हैं. डायरिया ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. वहीं, ग्रामीणों में डायरिया का ऐसा खौफ है कि लोग अपने घरों में ताला लगाकर किसी दूसरे सुरक्षित स्थान के लिए पलायन कर चुके हैं.


गांव में डॉक्टरों की टीम कर रही है मॉनिटरिंग 


जिला अस्पताल और निजी डॉक्टरों की टीम प्रतिदिन गांव में पहुंच कर मॉनिटरिंग कर रहे हैं. सभी बीमार लोगों को आमस स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है जहां इलाज चल रहा है. वहीं, डॉक्टरों की टीम ने गांव के चापाकल से निकलने वाला दूषित पानी और तालाब में जमे पानी से डायरिया फैलने की आशंका जताई है.


मामले में सिविल सर्जन का आया बयान


इस पूरे मामले पर गया सिविल सर्जन डॉ. रंजन कुमार सिंह ने बताया कि डायरिया फैलने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों की टीम को गांव में भेजा है. गांव पहुंचकर कारणों को जानने का प्रयास किया जा रहा है. अभी स्थिति नियंत्रण में है. डायरिया से ग्रसित मरीजों को आवश्यकतानुसार दवाएं दी जा रही हैं.


लक्षण और इलाज


डायरिया के लक्षणों में पेट में दर्द शामिल है. वहीं, अगर कोई बैक्टीरिया-संबंधी या वाइरल इंफेक्शन पेट और इंटेस्टाइन को प्रभावित कर रहा है, तो पेट में दर्द के साथ अन्य लक्षण भी होंगे जैसे मतली, उल्टी, डायरिया, बुखार, पीलापन. वहीं, इसके इलाज में डायरिया के कई मामले शार्ट टाइम के लिए ही होते हैं और घरेलू उपचार जैसे कि हेल्दी आहार, फ्लूइड और दवाइयों के सेवन से इसे ठीक किया जा सकता है, लेकिन ज्यादा सही ये है कि आप तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.


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