Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव में JDU को कितनी सीट आएगी? प्रशांत किशोर ने दावा कर किया सब कुछ साफ, जानिए
Prashant Kishor Statement: प्रशांत किशोर ने सीतामढ़ी में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने मीडिया के कई सवालों पर सीएम नीतीश कुमार को घेरा.

सीतामढ़ी: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने बुधवार को गोयनका कॉलेज में जेडीयू (JDU) को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की. उन्होंने दावा किया है कि लोकसभा चुनाव में जेडीयू की करारी हार होगी और उसके बाद पार्टी में बिखराव होगा. अब यह पार्टी अंतिम दौर में चल रही है. जेडीयू डूबती नैया है. इसी कारण डूबती नैया से निकलने के लिए जेडीयू के नेता दूसरे दलों में जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव के दौरान भविष्यवाणी की थी कि यहां बीजेपी (BJP) को सौ सीट भी नहीं मिलेगी. मात्र 77 सीट मिली थी. आगे उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) में जेडीयू पांच सीट भी नहीं जीत सकेगी और उनका यह दावा फेल हुआ, तो बिहार के लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांग लेंगे.
'नीतीश कुमार के राजनीति का तरीका अलग'
आगे नीतीश कुमार किस दल के साथ जा सकते हैं? इस सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि यह बात खुद नीतीश कुमार भी नही बता सकते हैं. उनके (नीतीश कुमार) राजनीति करने का अलग तरीका है. मुख्यमंत्री हमेशा विकल्प रखते हैं. फिलहाल उनके राजनीति वाले घर का दरवाजा महागठबंधन है. उस घर में खिड़की है, जिससे हवा-पानी ग्रहण करते हैं. एक रोशनदान भी है, जिसके माध्यम से अंतरात्मा की आवाज पर कही जाने की सोचते हैं. राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश को पद से न तो बीजेपी हटाया और न जेडीयू. यहां हरिवंश रोशनदान हैं. नीतीश कुमार को बीजेपी में जाना हो तो इसी रोशनदान के माध्यम से बीजेपी के नेताओं से बातचीत हो सके.
जन सुराज कोई दल नहीं- प्रशांत किशोर
आगे चुनावी रणनीतिकार ने कहा कि जन सुराज कोई दल नहीं है. वे जन सुराज के नेता भी नहीं हैं. बस जन सुराज के माध्यम से विभिन्न जिलों में भ्रमण कर समस्याओं को जानने, देखने एवं समझने की कोशिश कर रहे हैं. हर गांव से लोग जनसुराज से जुड़ रहे हैं. ऐसे लोग ही निर्णय लेंगे कि उन्हें क्या करना है? जन सुराज से जुड़ा कोई व्यक्ति अगर चुनाव लड़ता है, तो उसे हर संभव मदद की जाएगी. वे पांच जिलों का भ्रमण किए थे. उस दौरान एमएलसी का चुनाव था. जनसुरज से जुड़े लोगों का कहना था कि किसी साथी को चुनाव लड़ना चाहिए. उनकी सहमति के बाद एक शिक्षक निर्दलीय चुनाव लड़ने को तैयार हुए. साथियों ने प्रत्याशी की मदद की और वह चुनाव जीत भी गए.
ये भी पढ़ें: BJP Reaction: सीएम नीतीश की BJP में वापसी की चर्चा पर सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, कहा- 'अब इस पर इसलिए...'
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस

