भागलपुरः दो साल बाद इस बार सावन मेले का आयोजन हुआ है. इस मेले में देवघर जाने वाले कांवड़ियों की एक से एक तस्वीर सामने आ रही है. कुछ दिनों पहले एक भक्त अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर बाबा बैद्यनाथ धाम ले जा रहा था. अब एक और तस्वीर भागलपुर से आई है जिसमें एक पिता अपने एक पुत्र और एक पुत्री को कांवड़ में बैठाकर ले जा रहा है. रविवार को पिता ने सुल्तानगंज से जल भरा और यात्रा की शुरुआत की. इस दौरान यह भी बताया कि इस तरह जाने के पीछे की वजह क्या है.
मुंगेर जिले के मिल्की गंगटा निवासी दयाशंकर सिंह ने बताया 10 साल पूर्व अजगैबीनाथ धाम उत्तरवाहिनी गंगा घाट से जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा की शुरुआत की थी. उन्होंने पुत्र के लिए मन्नत मांगी थी. बाबा भोलेनाथ ने मेरी मनोकामनाएं पूरी की है. इसको लेकर हम सभी परिवार, सहित एक पुत्र और एक पुत्री को कांवड़ में बैठाकर देवघर पैदल यात्रा कर कर रहे हैं. बाबा भोलेनाथ को जल चढ़ाएंगे. उन्होंने कहा कि बाबा भोलेनाथ सभी की सुनते हैं.
दरभंगा के एक परिवार ने इसी तरह की यात्रा
वहीं बच्चों को कांवड़ में बैठाकर एक और परिवार देवघर जाता दिखा. ये परिवार दरभंगा से आया था. बच्चे की माता निशा देवी ने बताया कि बाबा भोलेनाथ ने हमारी मनोकामनाएं पूरी की है. बच्चों को इसी तरह कांवर में लेकर देवघर जाएंगे और बाबा भोलेनाथ को जल चढ़ाएंगे. दरभंगा निवासी चंदेश्वर राय रेलवे विभाग में काम करते हैं. पूरे परिवार के साथ अजगैबीनाथ धाम से पैदल बैद्यनाथ धाम के लिए रविवार को यात्रा शुरू की. कहा कि बाबा भोलेनाथ हम सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं इसलिए परिवार देवघर जाते रहते हैं.
(भागलपुर से निभाष मोदी की रिपोर्ट)
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