Chhattisgarh: 'मिलेट ऑन व्हील्स' कैफे में मिलेंगे पराठे, पिज्जा और कोदो बिरयानी समेत ये खास लजीज व्यंजन
रायगढ़ जिला प्रशासन की पहल पर शुरू हुआ यह 'मिलेट ऑन व्हील्स' कैफे एक चलता फिरता मिलेट कैफे है. जिसमें रागी, कोदो, कुटकी से बने कई लजीज व्यंजन परोसे जायेंगे.
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छत्तीसगढ़ के पहले मोबाइल मिलेट कैफे को लॉन्च कर दिया गया है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायगढ़ जिले के खरसिया में 'मिलेट ऑन व्हील्स' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इससे अब मोटे अनाज से बने व्यंजन की बिक्री की जाएगी. इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रागी से बना केक काटा और इसका स्वाद चखा. इस चलते फिरते का कैफे का संचालन महिला समूह द्वारा किया जाएगा.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हरी झंडी देकर रवाना किया पहला मिलेट कैफे
दरअसल रायगढ़ जिला प्रशासन की पहल पर शुरू हुआ यह 'मिलेट ऑन व्हील्स' कैफे एक चलता फिरता मिलेट कैफे है. जिसमें रागी, कोदो, कुटकी से बने लजीज व्यंजन परोसे जायेंगे. इसे अनुभव महिला समूह संचालित करेगा. इस मोबाइल मिलेट कैफे में रागी का चीला, डोसा, मिलेट्स पराठा, इडली, मिलेट्स मंचूरियन, पिज़्ज़ा, कोदो की बिरयानी और कुकीज जैसे पकवान चखने को मिलेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की है तारीफ
आपको बता दें कि मोटे अनाजों के उत्पादन और उपभोग को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की पहल पर मिलेट मिशन चलाया जा रहा है. इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट ईयर के रूप में मनाया जा रहा है. वहीं कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रायगढ़ में बने देश के पहले मिलेट कैफे की जमकर तारीफ की थी. इसके बाद मिलेट कैफे चर्चा में आया है. इसके अलावा राज्य में लगातार मिलेट कैफे खुलने लगे है. हालही में राजधानी रायपुर में भी एक कैफे खोला गया है.
कोदो, कुटकी, रागी की समर्थन मूल्य पर की जा रही है खरीदी
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां मिलेट्स को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी और रागी का ना सिर्फ समर्थन मूल्य घोषित किया गया बल्कि समर्थन मूल्य पर खरीदी भी की जा रही है. इस पहल से छत्तीसगढ़ में मिलेट्स का रकबा डेढ़ गुना बढ़ा है और उत्पादन भी बढ़ा है. इसके अलावा आपको ये भी बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायकों और मीडिया के लिए मिलेट्स से बने व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए दोपहर भोज का भी आयोजन किया जा चुका है.
छत्तीसगढ़ में मिलेट कैफे भी प्रारंभ हो चुका है. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नथिया-नवागांव में मिलेट्स का सबसे बड़ा प्रोसेसिंग प्लांट भी स्थापित किया जा चुका है. मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए गौठानों में विकसित किए जा रहे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में मिलेट्स प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जा रहे हैं.
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