'पुलिसकर्मी हमारे कपड़े खींच रहे थे', रायपुर में विरोध कर रहीं महिला शिक्षकों ने रोते हुए लगाए आरोप
Raipur Teachers Protest: राजस्थान में 3000 सहायक शिक्षकों को हटाए जाने पर प्रदर्शन चल रहा है. रायपुर में महिला शिक्षकों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसकी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निंदा की है.

Bhupesh Baghel on Raipur Teachers Protest: छत्तीसगढ़ में 3000 सहायक शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया. NCTI नियमों के तहत इन टीचर्स को नौकरी दी गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद इसकी योग्यता पर सवाल खड़े हो गए और 3 हजार टीचर्स को निलंबित कर दिया गया. अब नौकरी जाने की खबर से ये शिक्षक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
इसी बीच रायपुर पुलिस और प्रदर्शन कर रही महिला शिक्षकों के बीच झड़प हो गई, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस पर अब कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया आई है.
पुलिसकर्मियों के शराब के नशे में धुत्त होने का आरोप
भूपेश बघेल ने पुलिस द्वारा शिक्षकों पर लाठी चलाए जाने का वीडियो शेयर कर लिखा, "बेटियों के साथ ऐसा व्यवहार! क्या कहूं? क्या बोलूं? क्या लिखूं? अब तो छत्तीसगढ़ महतारी की बेटियों की इज्जत पर विष्णु देव सरकार ने प्रहार कर दिया है. बेटियों के साथ बदसलूकी इस बीजेपी सरकार ने शराब के नशे में धुत्त पुरुष पुलिसकर्मियों से करवाई है. यह आरोप स्वयं उन महिला शिक्षकों का है जो अपने घर-परिवार को छोड़कर इस ठंड में अपने न्याय की गुहार लगा रही हैं."
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "शांतिपूर्वक तरीके से अपनी माँगों को लेकर बैठे निष्कासित बी.एड सहायक शिक्षकों में महिलाओं के बीच पुरुष पुलिसकर्मियों का जाना ही आपत्तिजनक है और नियम कायदों के खिलाफ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “गारंटी” और विष्णु देव के “सुशासन” में हुआ यह “चीरहरण” छत्तीसगढ़ के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज होगा."
इस पोस्ट में भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृहमंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी टैग किया है.
महिला शिक्षकों का आरोप
महिलाओं का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने नशे की हालत में महिलाओं के कपड़े फाड़े और गलत तरह से छूने की कोशिश की. वहीं, दूसरी महिला शिक्षक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके बाल और दुपट्टा भी खींचा था. महिला शिक्षकों का कहना है कि यहां महिला पुलिसकर्मियों को आना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. पुरुष कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की. पुलिसकर्मियों पर प्रदर्शन में बैठी महिलाओं के ऊपर चढ़ने का भी आरोप लगाया गया है.
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