बेल्जियम में हुआ दिवाली आयोजन , छत्तीसगढ़ के लोकगीत 'हमर पारा तुम्हर पारा' पर थिरके विदेशी
Diwali Celebration: इस आयोजन में विदेशों में रहने वाले भारतीय लोगों ने अपने छोटे बच्चे को भारत के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक वेशभूषा में शामिल किया. इसका आयोजन भारतीय दूतावास की मदद से किया गया.
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Belgium Diwali Celebration: विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिक अपने संस्कृति को विदेशों में भी बरकरार रखने के लिए राष्ट्रीय पर्व के मौके पर विभिन्न तरह के आयोजन कराते हैं. यूरोप (Europe) के ब्रुसेल्स (Brussels), बेल्जियम (Belgium) शहर में पहली बार दीपावली के मौके पर एक भारतीय सामाजिक संगठन द्वारा भारतीय दूतावास के सहयोग से एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया.
इस आयोजन में विदेशों में रहने वाले भारतीय लोगों ने अपने छोटे बच्चे को भारत के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक वेशभूषा में शामिल किया. इन बच्चों ने अपने-अपने राज्यों के लोक गीतों पर अपना नृत्य का प्रदर्शन किया. जिसमें छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गीत 'हमर पारा तुम्हर पारा' गाने पर बस्तर की रहने वाली एक 8 साल की बच्ची आरना बागड़े ने बेहतरीन प्रदर्शन कर बेल्जियम के लोगों का मन मोह लिया. इस गाने पर बच्ची ने बेल्जियम के लोगों को भी थिरकने को मजबूर कर दिया.
बेल्जियम में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
यूरोप के ब्रुसेल्स, बेल्जियम शहर में भी छत्तीसगढ़ राज्य की फेमस गीत 'हमर पारा तुम्हारा पारा' धूम मचा रही है. इस गाने पर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर की रहने वाली आरना बागड़े ने छत्तीसगढ़ वेशभूषा में डांस किया.
उसने अपने डांस से सभी बेल्जियम वासियों का मनमोह लिया और उन्हें भी इस गाने पर थिरकने को मजबूर कर दिया. यहां रहने वाले सभी भारतीयों के छोटे बच्चों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया अपने-अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व किया. साथ ही पारंपरिक ड्रेस और लोक गीतों पर डांस किया.
8 साल बच्ची ने किया प्रतिनिधित्व
इस दौरान जगदलपुर के निवासी आशीष बागड़े और भावना बागड़े की 8 साल की बेटी आरना बागड़े ने पूरे छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा में इस आयोजन में शामिल हुई. उसने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए 'हमर पारा तुम्हर पारा' लोकगीत पर डांस किया. आरना के डांस पर जमकर तालियां बजने लगी साथ ही बेल्जियम और ब्रुसेल्स के स्थानीय लोगों ने भी इस गाने पर डांस किया.
यह पहला मौका है जब छत्तीसगढ़ी गीत 'हमर पारा तुम्हर पारा' लोक गीत की धूम यूरोप के बेल्जियम में भी दिखी. पहली बार यूरोप के बेल्जियम, ब्रुसेल्स शहर में इस तरह के समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें यहां रहने वाले सभी भारतीय बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. इस समारोह में भारत के कल्चर और दीपावली पर्व की धूम देखने को मिली.
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