Chhattisgarh: दो जनवरी से शुरू हो रहा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, विपक्ष ने इन मुद्दों पर बघेल सरकार को घेरने की बनाई रणनीति
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में दो जनवरी से विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है. बीजेपी सरकारी विभागों में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण में देरी और अन्य मुद्दों को लेकर निशाना साध सकती है.

Chhattisgarh Legislative Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र दो जनवरी से शुरू होगा. एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. एक और दो दिसंबर को विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया था, जिसे एक जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया था. इसके बाद ही शीतकालीन सत्र का विस्तार करने का फैसला किया गया है. विधानसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि सत्र छह जनवरी को समाप्त होगा. इस सत्र में राज्य में विपक्षी बीजेपी द्वारा सरकारी विभागों में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण में देरी और अन्य मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधने की संभावना है.
छत्तीसगढ़ सरकार का फैसला
छत्तीसगढ़ सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह सभी सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और नई पेंशन योजना (एनपीएस) में से किसी एक को चुनने का विकल्प देगी. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को रायपुर स्थित उनके आवास पर हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया. सत्तारूढ़ कांग्रेस अपने शासित राज्यों में ओपीएस को वापस लाने पर बड़ा दांव लगा रही है. हिमाचल प्रदेश में ओपीएस को लागू करने के वादे ने इस महीने की शुरुआत में उस पहाड़ी राज्य में कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
छत्तीसगढ़ में, जहां पार्टी 2018 से सत्ता में है, लगभग तीन लाख सरकारी कर्मचारी इस फैसले से प्रभावित होंगे. जबकि ओपीएस को लागू करने की घोषणा शुरू में इस साल अप्रैल में की गई थी, केंद्र सरकार ने एनपीएस में पहले से ही जमा किए गए ₹17,000 करोड़ से अधिक की वापसी की राज्य की मांग को पूरा करने से इनकार कर दिया है.
ये भी पढ़ें: Raipur: रायपुर में पुलिस का नववर्ष मिलन, नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों ने CM बघेल से साझा किए अनुभव
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस
