AAP के मजबूत किले बुराड़ी को भेदना नहीं होगा आसान, जानें क्या कहते हैं समीकरण?
Delhi Polls 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में महज कुछ दिन बचे हैं. इस बीच आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी ने अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत पक्की करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.
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Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब महज चार दिन शेष हैं और 3 फरवरी की शाम तक ही जनीतिक दलों और उनके प्रत्याशियों के पास प्रचार का समय है. ऐसे में सभी दल और प्रत्याशियों ने पूरी ताकत चुनाव प्रचार पर लगा रखी है ताकि 5 फरवरी को ज्यादा से ज्यादा लोग उनके पक्ष में मतदान करें और 8 फरवरी को आने वाले इस चुनाव के नतीजे में उनको जीत हासिल हो सकें.
बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच सीधी टक्कर वाले इस चुनाव में हम आज आपको उत्तर-पूर्वी लोकसभा क्षेत्र की बुराड़ी सीट के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बीते तीन चुनावों में आप का मजबूत किला बन चुकी है और यहां से आप के संजीव झा ने लगातार तीन बार जीत दर्ज की है.
आप के खिलाफ ये प्रत्याशी पेश कर रहे चुनौती
सामान्य श्रेणी में आने वाली इस बुराड़ी विधानसभा सीट पर एक बार फिर से कब्जा जमाने के लिए आम आदमी पार्टी ने अपने वर्तमान विधायक संजीव झा पर भरोसा बनाये रखा है, जबकि उन्हें चुनौती पेश करने के लिए बीजेपी ने अपने सहयोगी दल जद (यू) के शैलेन्द्र कुमार और कांग्रेस ने मंगेश त्यागी को चुनावी मैदान में उतारा है.
पिछले तीन चुनाव से आप के नाम रही यह सीट
उत्तर प्रदेश की सीमा से सटी इस विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है. यह सीट साल 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी. इस सीट पर कांग्रेस अब तक खाता भी नहीं खोल सकी है, जबकि महज एक बार वर्ष 2008 में बीजेपी यहां से जितने में सफल हुई थी और बीजेपी के श्रीकृष्ण विधायक चुने गए थे.
उसके बाद वर्ष 2013 और 2015 में हुए चुनावों में बीजेपी को यहां हार का सामना करना पड़ा. साल 2020 में हुए चुनाव में जदयू प्रत्याशी भी यहां से शिकस्त झेल चुके हैं. तीनों ही चुनावों में आप के संजीव झा ने यहां से शानदार जीत दर्ज कर इसे आप का मजबूत किला बना दिया है.
आप के लिए इस बार मुकाबला कड़ा
बात करें पिछले दो चुनाव की तो साल 2015 में आप के संजीव झा (124,724) ने बीजेपी के गोपाल झा (56,774) को 67,950 मतों से मात दी थी. 2020 में संजीव झा को 139,598 वोट मिले थे और उन्होंने 51,440 वोट पाने वाले जदयू के शैलेन्द्र कुमार को 88,158 वोटों के बड़े मार्जिन से हराया था. आप वर्ष 2013 से लगातार यह सीट जीतती आ रही है और चौथी बार भी यहां झाड़ू से विरोधियों का सफाया कर इतिहास रचना चाह रही है.
इस बार आप के लिए यहां से मुकाबला थोड़ा कड़ा होने जा रहा है, क्योंकि बीजेपी अपने सहयोगी जदयू के साथ पूरे दमखम के साथ इस सीट को जीतने के लिए पूरा जोर लगा रही है. दूसरी तरफ कांग्रेस भी मजबूती से चुनाव लड़ कर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाती नजर आ रही है.
मुद्दों की बात की जाए को यहां की जर्जर हो चुकीं सड़कें, पीने का पानी और सीवर-सफाई यहां के अहम मुद्दे हैं जिन पर जनता अपना मत पसंदीदा पार्टी और प्रत्याशी को देगी. अगर आप विरोड़ी लहर का असर इस सीट पर नहीं रहा तो एक बार फिर से आम आदमी पार्टी यहां पर विरोधियों का सफाया करती नजर आ सकती है.
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