Delhi CM Oath: कपिल मिश्रा हर सतह पर मोहन सिंह बिष्ट के लिए रुकावट बने... सीट भी ली, मंत्री पद भी मिला
Delhi CM Oath Ceremony: बीजेपी ने इस बार करावल सीट से मोहन सिंह बिष्ट की जगह कपिल मिश्रा को टिकट दिया था. ऐसे में पहले आप में रहते हुए और इस बार बीजेपी में रहते हुए कपिल ने बिष्ट का चुनावी रथ रोका.

Delhi New CM Oath Ceremony: दिल्ली में 27 साल बाद फतह हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी में खुशी माहौल है. रेखा गुप्ता को सीएम बनाने के बाद आज रामलीला ग्राउंड में शपथग्रहण समारोह पूरा हुआ. नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ छह मंत्रियों ने भी शपथ ली. इसमें करावल सीट से विधायक कपिल मिश्रा का नाम भी शामिल है. हालांकि, कपिल के साथ मोहन सिंह बिष्ट के नाम की भी चर्चा हो रही है. कहा जा रहा है कि कपिल मिश्रा हर सतह पर मोहन सिंह बिष्ट के लिए रुकावट बने.
बता दें मोहन सिंह बिष्ट पहाड़ी होने के साथ भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हैं. साल 1998 में पहली बार भारतीय जनता पार्टी से करावल नगर सीट से चुनाव लड़े और जीत गए. सीट पर सिर्फ 35 प्रतिशत पहाड़ी अबादी होने के बाद भी बिष्ट ने यहां 17 साल तक अपनी बादशाहत कायम रखी. लेकिन साल 2015 में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सियासत में बड़ा उलटफेर करते हुए कपिल मिश्रा को इस सीट से चुनावी मैदान में उतारा.
कपिल मिश्रा ने रोका बिष्ट का चुनावी रथ
उस समय कपिल मिश्रा ने विधायक बनकर बिष्ट का विजय रथ रोक दिया. इसके बाद कपिल मिश्रा आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में आ गए. अब इस बार बीजेपी ने बिष्ट की जगह कपिल मिश्रा को यहां से टिकट दे दिया. ऐसे में पहले आम आदमी पार्टी में रहते कपिल ने बिष्ट का चुनावी रथ रोका और इस बार भारतीय जनता पार्टी में रहते हुए.
फफक-फफक कर रोए थे बिष्ट?
दरअसल, कपिल मिश्रा को करावल सीट से टिकट देकर बीजेपी ने मोहन सिंह बिष्ट का टिकट काट दिया था. जिसके बाद मोहन सिंह बिष्ट पार्टी के इस फैसले ने नाराज और दुखी हो गए थे. उस समय वो एक इंटरव्यू में फफक-फफक कर रो पड़े थे. हालांकि, उन्होंने दावा किया था कि पार्टी उन्हें दूसरे सीट से टिकट देगी. उन्होंने कहा था कि "पार्टी जो कहेगी वही फैसला सर्वोपरि होगा और हम सब मानेंगे."
"पार्टी ने अगर कह दिया कि मुझे किसी और सीट पर लड़ना है तो जाहिर है आलाकमान ने मेरे अंदर काबिलियत देखी होगी. हो सकता है इससे पार्टी को लाभ मिले. पार्टी के फायदे के लिए मैं अपने 25 साल किनारे कर दूंगा. मैं करावल नगर सीट से 5 बार से लगातार विधायक हूं. अब मैं जिस जगह पर जा रहा हूं (मुस्तफाबाद), वो भी मेरी ही सीट है. 2008 में वह सीट बदल गई थी, लेकिन 15 साल से वहां के लोगों से मेरा जुड़ाव नहीं रहा इसलिए दुख होता है."
जीत के बाद क्या मिलेगी ये जिम्मेदारी?
इसके बाद बीजेपी ने उन्हें मुस्तफाबाद सीट से प्रत्याशी बनाया और उन्होंने 6वीं बार चुनाव जीता. वहीं अब फिर कहा जा रहा है कि चुनाव जीतने के बाद एक बार फिर कपिल मिश्रा मोहन सिंह बिष्ट के रास्ते की रूकावट बने और मंत्री पद पर कब्जा जमाया. हालांकि, सियासी गलियारों में चर्चा है कि मोहन सिंह बिष्ट को पार्टी अब डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी सौंप सकती है.
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