Delhi Schools Vaccination Report: दिल्ली के स्कूलों को रोज बताना होगा वैक्सीनेशन स्टेट्स, एजुकेशन डिपार्टमेंट को देनी होगी वैक्सीनेशन रिपोर्ट
दिल्ली एजुकेशन डिपार्टमेंट ने दिल्ली के स्कूलों को निर्देशित किया है, जिसके अनुसार उन्हें हर दिन 15 से 18 साल के स्टूडेंट्स के कोविड वैक्सीनेशन स्टेट्स की रिपोर्ट शेयर करनी होगी.
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दिल्ली शिक्षा विभाग ने दिल्ली के स्टूडेंट्स का कारोना वैक्सीनेशन ठीक प्रकार से हो इसके लिए कमर कस ली है. दिल्ली एजुकेशन डिपार्टमेंट ने वहां के स्कूलों को निर्देश दिए हैं जिसके मुताबिक उन्हें हर दिन शाम चार बजे कोरोना वैक्सीनेशन की स्टेट्स रिपोर्ट साझा करनी होगी. स्कूलों को बताना होगा कि उस दिन का उनके यहां का कोरोना वैक्सीनेशन का स्टेट्स क्या रहा. दरअसल दिल्ली में आज से 15 से 18 साल के बच्चों का कोरोना वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा. इस काम के लिए 159 गवर्नमेंट सेंटर और 16 प्राइवेट सेंटर बनाए हैं. यही नहीं एमसीडी, गवर्नमेंट, नई दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल और कंटेनमेंट बोर्ड द्वारा संचालित 60 स्कूलों को वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है.
इसके साथ ही कई दूसरे स्कूलों से भी प्रार्थना की जाएगी कि वे अपने यहां टेम्परेरी कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बनाने की आज्ञा दें. कई स्कूल के प्रबंधक भी यही चाहते हैं कि उनके यहां के स्टूडेंट्स का वैक्सीनेशन इसी प्रकार हो.
क्या लिखा है एजुकेशन डिपार्टमेंट के सर्कुलर में –
इस बाबत शिक्षा विभाग द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि वे स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर कमिटेड हैं और इसके लिए जो भी जरूरी कदम हैं, वे उठाए जाएंगे. सर्कुलर में कहा गया है – ‘शिक्षा निदेशालय डीओई के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के लिए प्रतिबद्ध है. हाल ही में कोविड के मामलों की वैश्विक वृद्धि को ध्यान में रखते हुए और ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता लगने के बाद जो चिंता का विषय माना गया है, यह अनिवार्य है कि डीओई 15 से 18 वर्ष की आयु के सभी सरकारी / सरकारी सहायता प्राप्त / निजी-गैर-सहायता प्राप्त स्कूली छात्रों को तत्काल आधार पर टीकाकरण सुनिश्चित करे.’
क्लास टीचर्स को दी गई है जिम्मेदारी –
इतनी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स का वैक्सीनेशन कार्यक्रम ठीक प्रकार से हो, इसके लिए उनके टीचर्स को जिम्मेदारी दी गई है. क्लास टीचर का ये काम होगा कि वे स्टूडेंट्स के पैरेंट्स को उनके बच्चों को नजदीकी केंद्र में जाकर टीका लगाने के लिए प्रेरित करें. इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर वैक्सीनेशन सेंटर्स की संख्या में भी इजाफा किया जा सकता है.
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