Delhi News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने किडनैपिंग और रेप के मामले में आोरपी दो भाइयों को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. आरोपियों की पहचान 27 साल के आशीष चौहान और नोएडा के असगरपुर गांव निवासी 23 साल के दीपक चौहान उर्फ दीपू के रूप में हुई है.


3 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी
आशीष 2020 से गिरफ्तारी से बच रहा था. वहीं दीपक एक घोषित अपराधी था. उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी की सूचना पर 25,000 रुपये का इनाम भी था. 29 अगस्त 2017 को आशीष ने अपने साथी विवेक, रोहित, विनोद और सुनील के साथ जीटी करनाल रोड से बंदूक की नोक पर एक व्यक्ति का अपहरण किया था और 3 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी.


पीड़ितों को दी धमकी
आशीष को गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया, जिसके बाद एक गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया. जुलाई 2021 में दीपक ने नोएडा में एक लड़की के साथ रेप किया और फरार हो गया. बाद में दीपक और उसके भाई आशीष और उनकी बहन ने पीड़िता को धमकी दी.


न्यू अशोक नगर से हुई गिरफ्तारी
विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) रवींद्र सिंह यादव के अनुसार, आशीष बार-बार अपना पता और स्थान बदल रहा था. पुलिस अधिकारी ने कहा, विशेष तकनीकी जांच की मदद से आशीष का पता लगाया गया और दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया. पूछताछ करने पर सूत्रों को तैनात किया गया और यह पता चला कि दीपक सागरपुर में छिपा हुआ था. सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक टीम ने दीपक को द्वारका के गोल्फ कोर्स रोड से पकड़ लिया.


अय्याशी के लिए शुरू की उगाही
रवींद्र सिंह यादव ने कहा, पूछताछ के दौरान पता चला कि आशीष ने एक प्रापर्टी डीलर के साथ काम करना शुरू किया था और उस दौरान वह बदमाश लोगों के संपर्क में आया और अपराध करना शुरू कर दिया. शराब पीने, धूम्रपान करने और एक शानदार जीवन जीने की अपनी आदतों को पूरा करने के लिए, उसने अपने स्थानीय दोस्तों के साथ एक गैंग बनाया और पैसे की उगाही शुरू कर दी.


संपत्ति डीलरों के साथ करने लगा काम 
अधिकारी ने कहा, अलीपुर पुलिस थाने में दर्ज फिरौती के लिए अपहरण के एक मामले में उसे अंतरिम जमानत मिल गई और वह जमानत के बाद फरार हो गया. उसके अन्य दो सहयोगियों को इस मामले में दोषी ठहराया गया है. पुलिस अधिकारी ने कहा, पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने न्यू अशोक नगर इलाके में रहना शुरू कर दिया और स्थानीय संपत्ति डीलरों के साथ काम किया.


पुलिस को शक न हो इसलिए पीजी में रहा
वह छात्रों के साथ पीजी में रह रहा था, ताकि पुलिस उसके ठिकाने का पता न लगा सके. अधिकारी ने आगे कहा, दीपक नोएडा में एक कॉल सेंटर में काम करता था. जहां उसने अपने साथ काम करने वाली एक लड़की का यौन उत्पीड़न किया. मामला दर्ज होने के बाद वह नोएडा छोड़कर दिल्ली में रहने लगा. वह सागरपुर इलाके में एक ग्राफिक डिजाइनर की दुकान में काम करने लगा.


ये भी पढ़ें- Delhi News: दिल्ली पुलिस ने पटाखे फोड़ने वालों पर दिखाई सख्ती, चार दिनों में दर्ज किए 16 मामले