Justice Yashwant Varma News: दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर बोरी में कैश मिलने का दावा किया गया था, जिसने देश की न्यायिक व्यवस्था को ही कटघरे में खड़ा कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हाई कोर्ट को अंतरिम जांच के आदेश दिए हैं. आइए जानते हैं कि इस मामले में अब तक क्या हुआ है...
1. दिल्ली हाई कोर्ट के सीनियर जज जस्टिस यशवंत शर्मा के सरकारी आवास पर 14 मार्च की रात आग लगने की जानकारी मिली.
2. परिवार ने फायर ब्रिगेड से मदद मांगी. फायर ब्रिगेड की टीम उनके आवास पहुंची. ऐसा दावा किया गया कि आग बुझाने के दौरान घर में भारी मात्रा में कैश देखा गया है.
3. इस मामले में समाचार एजेंसी एएनआई का एक वीडियो आया, जिसमें इलाके के सफाईकर्मी दावा कर रहा है कि मलबे में उसे 500 रुपये के जले हुए नोटों के टुकड़े मिले. उसने बताया था कि उसे पहले भी जले हुए नोट मिले थे.
4. 20 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कॉलेजियम की बैठक बुलाई. इसमें जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर करने का प्रस्ताव आया.
5. हालांकि अग्निशमन विभाग के प्रमुख अतुल गर्ग ने दावा किया कि जस्टिस वर्मा के आवास पर कोई नकदी नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि आग पर 15 मिनट में काबू पा लिया गया था.
6. 21 मार्च को जस्टिस वर्मा कोर्ट नहीं पहुंचे. बताया गया कि वह अवकाश पर हैं.
7. उधर, इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस वर्मा के ट्रांसफर का विरोध किया है. बार एसोसिएशन ने कहा कि हम इस फैसले से हैरान हैं.
8. सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वर्मा केस में हाई कोर्ट को जांच के आदेश दिए हैं.
9. सीजेआई संजीव खन्ना ने जस्टिस वर्मा केस में तीन सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया है. जांच पूरी होने तक जस्टिस वर्मा न्यायिक काम नहीं कर पाएंगे.
9. जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई. जजों की जांच कमेटी के गठन को गलत बताया गया है.
10. जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस मामले में हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से कहा कि एक जज के लिए प्रतिष्ठा और चरित्र अहम होते हैं लेकिन मेरे खिलाफ बेबुनियाद आरोपों के कारण मेरी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान हुआ है.