MCD Secretary Report: दिल्ली (Delhi) में एमसीडी के स्थाई समिति के छह सदस्यों (Standing Committee Members)का चुनाव गुरुवार को भी नहीं हो सका. इसके बाद स्थाई समिति के सदस्यों का चुनाव शुक्रवार तक के लिए टाल दिया गया है. वहीं एमसीडी सचिव ने स्थाई समिति के सदस्यों के चुनाव के लिए नए सिरे से वोटिंग कराने की सिफारिश की है. मेयर शैली ओबेरॉय (Shelly Oberoi) और कमिश्नर ज्ञानेश भारती (Gyanesh Bharti) को भेजी गई रिपोर्ट में एमसीडी सचिव भगवान सिंह ने यह भी कहा है कि स्थाई समिति के छह सदस्यों के चुनाव के लिए पर्याप्त बैलेट पेपर उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में चुनाव नए सिरे से आयोजित किया जाए. 


एमसीडी सचिव ने यह भी बताया कि सदन में सिर्फ 245 बैलेट पेपर थे, जबकि पूरी चुनाव प्रक्रिया के लिए कम से कम 250 बैलेट पेपर की जरूरत है. बैलेट पेपर के नए सेट की छपाई के लिए समय की मांग करते हुए उन्होंने बताया, "चुनाव प्रक्रिया के लिए 300 बैलेट पेपर रखने होंगे, क्योंकि कुछ बैलेट पेपर बर्बाद भी होंगे." स्थाई समिति सदस्यों के चुनाव के लिए बुधवार को कुल 55 बैलेट पेपर जारी किए गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं था कि कितने पार्षदों ने बैलेट बॉक्स में अपना वोट डाला.


कई पार्षदों ने पॉकेट में रख लिए बैलेट पेपर


रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि बीजेपी पार्षदों के विरोध और आरोपों की वजह से वोट डालने वाले कुछ सदस्यों ने अपने वोटों का मोबाइल से स्नैपशॉट ले लिया. इसके बाद हंगामा हुआ. फिर सदन को स्थगित कर दिया गया और बैलेट बॉक्स को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ पार्षद जो अपना वोट नहीं डाल सके थे, उन्होंने इसे पॉकेट में डाल लिया.


बीजेपी ने भी की ये मांग


वहीं मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के दौरान मतदान केंद्र में कोई भी मोबाइल फोन या पेन ले जाने की अनुमति नहीं थी. हालांकि, स्थाई समिति के सदस्यों के चुनाव के दौरान मेयर की ओर से मोबाइल फोन की अनुमति दी गई थी. दूसरी तरफ दिल्ली बीजेपी के नेताओं और पार्षदों ने भी स्थाई समिति के सदस्यों के लिए नए सिरे से मतदान की मांग की है. पार्टी सांसद प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि कुल 55 बैलेट पेपर जारी किए गए, जिनमें से 45 मतदान के लिए इस्तेमाल किए गए, जबकि 10 का पता नहीं चल पाया.


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