Raghav Chadha Signature Row: राज्यसभा में पांच सांसदों के बिना इजाजत उनके नाम सेलेक्ट कमिटी में प्रस्तावित करने के आरोपों से घिरे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को संसद की विशेषाधिकार समिति ने नोटिस जारी कर दिया है. ऐसे में अपना पक्ष रखने के लिए राघव चड्डा ने दिल्ली स्थित आप कार्यालय में सांसद संजय सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने बीजेपी को खुली चुनौती दी कि, जहां सिग्नेचर हुए हैं वो कागज लेकर आए, वो कागज कहां है.
'बीजेपी नेता कागज लेकर आएं मेरे सामने'
दरअसल, राघव चड्डा ने बीजेपी नेताओं पर हमला बोले हुए कहा कि, 'बीजेपी का एक मंत्र है कि, एक ही झूठ को हजार बार बोलो तो वो सच बन जाता है. राघव ने राज्यसभा की रूल बुक दिखाते हुए बोला कि, किसी भी समिति के गठन के लिए अगर आप किसी मेंबर का नाम प्रस्तावित करते हैं, तो उस मेंबर का न साइन चाहिए, न ही उसकी लिखित सहमति चाहिए, क्योंकि सिग्नेचर जमा नहीं होते हैं. तो जब किसी का सिग्नेचर लिया ही नहीं, किसी का सिग्नेचर जमा नहीं किया गया, तो ये जो बिना सहमित के सिग्नेचर लेने की अफवाह फैलाई जा रही है. ये सरासर झूठ और गलत है. मैं आज बीजेपी के नेताओं को चुनौती देता हूं कि, वो कागज लेकर आएं मेरे सामने जिसमें ये सिग्नेचर हैं.'
'ये सबकुछ मेरी सदस्यता खत्म करने के लिए'
राघव चड्डा ने आगे कहा कि, मोदी सरकार की मंशा साफ है, जो उनके खिलाफ बोले उसकी संसद सदस्यता समाप्त करो या सदन से बाहर करो. उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करो. उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में झूठ बोला है. सांसद सेलेक्ट कमेटी के लिए किसी का भी नाम प्रस्तावित कर सकते हैं. इसके लिए किसी का हस्ताक्षर जरूरी नहीं है. बीजेपी (BJP) का एक ही मकसद है. जैसे राहुल गांधी की सदस्यता ली वैसे राघव चड्ढा की सदस्यता भी खत्म की जाए.
बीजेपी ने क्यों किया ये?
राघव ने कहा कि बीजेपी ने ये सब सिर्फ इस लिए किया क्योंकि सदन में मैंने आप आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली अध्यादेश पर अपना वक्तव्य दिया और उसके 6 घंटे बाद बीजेपी ने मेरे खिलाफ ये आरोप लगाने शुरू कर दिए. इनको दिक्कत ये नहीं है कि मैंने नाम प्रस्तावित किया, इनको दिक्कत ये है कि, एक 34 साल के लड़के ने हमें ललकारा कैसे? अब बीजेपी मेरे पीछे पड़ गई है. मेरे खिलाफ विशेषाधिकार का का इसी हफ्ते यह दूसरा नोटिस है, लेकिन मेरी आवाज दबेगी नहीं.