Delhi Fraud Case: दिल्ली में 30 लाख रुपये की ठगी का आरोपी का गिरफ्तार हुआ है. ठगी की वारदात नकली सोना बेचकर की गई थी. दक्षिण पश्चिम जिले के एंटी स्नैचिंग सेल की टीम ने कारोबारी से धोखाधड़ी करने वाले को धर दबोचा. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1.70 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. ठग गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान 59 वर्षीय मोहन राय के रूप में हुई है. मोहन राय उत्तम नगर के संजय एन्क्लेव का रहने वाला है.


आरोप है कि कारोबारी को ठग गिरोह के सदस्यों ने मिलकर चूना लगाया था. गिरोह में लक्ष्मी नाम की महिला भी शामिल है. पुलिस के मुताबिक 20 नवंबर को हार्डवेयर दुकानदार रमेश शर्मा ने गौरव सोनी नामक कारोबारी से संपर्क किया. गौरव को रमेश ने दो सुनहरे रंग के मोती दिखाए. शुद्धता की जांच में मोती 78 फीसद सोना निकला. ठग गिरोह के सदस्यों ने कथित तौर पर मथुरा में खुदाई से मिले सोना बेचने की बात कही. 26 नवंबर को गौरव और रमेश ने ठगों से मुलाकात की.


ठग गिरोह का सदस्य गिरफ्तार


ठगों ने करीब 2 किलो वजन का एक रानी हार सेट दिखाया. दोनों पक्षों के बीच सौदा 80 लाख रुपये में तय हुआ. गौरव ने बाजार से 30 लाख रुपये जुटाकर ठगों को सौंप दिए. बाकी रकम हार की शुद्धता जांच के बाद देना तय हुआ. जांच में हार पूरी तरह नकली निकला. दोनों व्यापारियों ने ठगों से संपर्क करने की कोशिश की. मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला. धोखाधड़ी की शिकायत थाना पालम विलेज में दर्ज की गई. शुरुआती जांच में पुलिस को सुराग नहीं मिला.


काबोरारी को लगाया था चूना


बाद में केस एंटी स्नैचिंग सेल को ट्रांसफर कर दिया गया. एसआई कमल कांत की टीम ने 100 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाली. आखिरकार 3 मार्च को पुलिस ने मोहन राय को दबोच लिया. पूछताछ में गिरोह के सदस्यों का नाम भी सामने आ गया. आरोपी ने खुलासा किया कि ठगी में 9.5 लाख रुपये मिले थे. गौरव सोनी ने अदालत में पहचान भी कर ली है. पुलिस ने आरोपी से 1.70 लाख रुपये बरामद किए गए हैं. पुलिस अब बाबूलाल और महिला लक्ष्मी की तलाश में जुटी हुई है. कहा जा रहा है कि गिरोह ने पहले भी वारदाातों को अंजाम दिया है. 



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