Shahid Diwas 2025: आम आदमी पार्टी ने रविवार (23 मार्च) को पार्टी मुख्यालय पर बड़ी धूमधाम के साथ शहीदी दिवस मनाया. शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव के बलिदान दिवस के मौके पर पार्टी मुख्यालय पर ‘एक शाम, शहीदों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल रहे. इस अवसर पर, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह, दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज, नेता प्रतिपक्ष आतिशी व गोपाल राय समेत अन्य वरिष्ठ नेता, सभी पदाधिकारी, विधायक, प्रत्याशी, पार्षद समेत बड़ी तादाद में कार्यकर्ता मौजूद रहे.
पुष्प अर्पित करके दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत भक्ति संगीत कार्यक्रम के साथ हुआ और अरविंद केजरीवाल समेत अन्य नेताओं ने शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज भी हर भारतीय युवा के दिल में भगत सिंह बसते हैं. हमने उन्हें अपना आदर्श माना है, उनकी विचारधारा पर चलते हुए देश की सेवा करते रहेंगे.
'एक-एक नौजवान के दिल में भगत सिंह बसते हैं'
‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 23 मार्च को शहादत दिवस मनाया जाता है. आज ही के दिन हमारे स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को अंग्रेजों ने फांसी की सजा दी थी और उन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया और भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को अपनी शहादत से प्रेरित किया था. उनकी शहादत के लगभग 100 साल हो गए. 100 साल बाद भी आज के एक-एक नौजवान के दिल के अंदर भगत सिंह बसते हैं.
'जाति-धर्म का भेदभाव नहीं होना चाहिए'
उन्होंने कहा कि हमने भगत सिंह और बाबा साहब अंबेडकर को अपना आदर्श माना है. भगत सिंह ने कहा था कि मेरा मकसद केवल अंग्रेजों को देश से बाहर निकलना नहीं है, मेरा मकसद एक नया समाज गठित करना है जहां सबको बराबरी का अधिकार हो, गरीबों को उनका हक मिले, कोई गरीब ना रहे, सबको अच्छी शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं मिले, जाति-धर्म का भेदभाव नहीं होना चाहिए.
'उलटी दिशा में गंगा बहानी चालू हो गई है'
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने कहा था कि अगर हमने ऐसे समाज का निर्माण नहीं किया तो यह गोरे अंग्रेज चले जाएंगे और काले अंग्रेज आकर बैठ जाएंगे. उनको पता था कि यह होने वाला है. उन्होंने 100 साल पहले ही यह बोल दिया था और आज हमारे देश के अंदर वही हो रहा है. स्वतंत्रता सेनानियों के मन में जो सपने थे और जिन सपनों के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे दी, इतने अत्याचार बर्दाश्त किए, आज उनका एक भी सपना पूरा नहीं हो रहा है. बल्कि उल्टी दिशा में गंगा बहानी चालू हो गई है.
'भगत सिंह ने जेल से लिखी थी चिट्ठियां'
अरविंद केजरीवाल ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि भगत सिंह जी ने जेल से अपने पिताजी और साथियों समेत कई लोगों को चिट्ठियां लिखी थी. वह चिट्ठियां जेल से जब बाहर जाती थी, तो बाकायदा अंग्रेज अधिकारी उसको पढ़कर बाहर भेजते थे. उन चिट्ठियों में अंग्रेजों के खिलाफ काफी कुछ लिखा होता था. फिर भी अंग्रेज उन चिट्ठियों को उनके पिताजी, साथियों और रिश्तेदारों के पास भेजते थे.
'मैंने एलजी साहब को दो लाइन की चिट्ठी लिखी थी'
अरविंद केजरीवाल ने कहा, ''जब मैं जेल गया और मैंने एलजी साहब को दो लाइन की एक चिट्ठी लिखी. जब मैं जेल में था, मैं मुख्यमंत्री था. मैंने इस्तीफा नहीं दिया था. 15 अगस्त के मौके पर मुख्यमंत्री झंडा फहराता है. जेल में मुझे चिंता हुई कि 15 अगस्त को इस बार कौन झंडा फहराएगा? मैंने एलजी साहब को चिट्ठी लिखी कि चूंकि मैं जेल में हूं, मैं झंडा नहीं फहरा पाऊंगा. इसलिए इस बार 15 अगस्त को हमारी मंत्री आतिशी को झंडा फहराने की इजाजत दी जाए. इसमें तो कोई आतंकवाद नहीं है, मैं किसी को भड़का नहीं रहा हूं. इसमें कोई गलत बात नहीं है. यह एक साधारण सी चिट्ठी थी."
'मैंने भगत सिंह की चिट्ठियों की किताब जेल में पढ़ी'
उन्होंने आगे कहा कि मैंने चिट्ठी को जेल के सुपरिटेंडेंट को दी और उनसे कहा कि इसको देख लो, चिट्ठी को पढ़ लो और एलजी साहब तक पहुंचा दो, लेकिन वह चिट्ठी एलजी साहब को नहीं पहुंचाई गई. इसके अगले दिन मुझे एक कारण बताओ नोटिस मिला कि आपको ऐसी चिट्ठी लिखने की हिम्मत कैसे हो गई? क्यों न आपकी जेल में मिलने वाली सुविधाएं बंद कर दी जाए. मैं सोच रहा था क्या इसलिए आजादी की लड़ाई लड़ी थी. मैंने भगत सिंह की चिट्ठियों की किताब जेल में पढ़ी थी.''
'भगत सिंह को सारी चिट्ठियां लिखने की आजादी दी'
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "अंग्रेजों ने भगत सिंह को सारी चिट्ठियां लिखने की आजादी दी थी. मैंने दो लाइन की चिट्ठी एलजी साहब को लिखी, वह भी एक तरह से औपचारिकता वाली चिट्ठी थी. उस चिट्ठी की एवज में मुझे कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया. तुम तो अंग्रेजों से भी बदतर हो. क्या इसलिए देश की आजादी लड़ी गई थी. आज भगत सिंह की आत्मा अगर आसमां में होगी तो वह आंसू बहा रही होगी. भगत सिंह सोच रहे होंगे कि क्या इसलिए मैं फांसी चढ़ा था."
'सरकार बनने के बाद बीजेपी ने सबसे पहले...'
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने निर्णय लिया कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर और शहीद-ए-आजम भगत सिंह हमारे दो आदर्श हैं. मेरे घर पर जहां मैं कमरे में बैठता हूं, वहां बाबा साहब और शहीद भगत सिंह की फोटो लगी हुई है. जितने हमारे दिल्ली सरकार में दफ्तर थे, सबमें उनकी फोटो थी. पंजाब में सीएम भगवंत मान साहब समेत सारे मंत्रियों के दफ्तरों में बाबा साहब और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें हैं. दिल्ली में सरकार बनने के बाद नई सरकार ने सबसे बाबा साहब अंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीर हटाने का काम किया. जैसे नई सरकार के लिए सबसे बड़ा काम यही था.
'हम लोग तो सोच रहे थे कि...'
उन्होंने कहा कि हम लोग तो सोच रहे थे कि सरकार बनने के 24 घंटे में वह कहेंगे कि 2500 रुपए का एलान करेंगे और मुफ्त सिलेंडर देंगे. लेकिन उन्होंने 48 घंटे के अंदर बाबा साहब अंबेडकर की और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें हटा दी. मुझे बहुत तकलीफ हुई. बाबा साहब और भगत सिंह की जगह उन्होंने अपने नेताओं की तस्वीरें लगा दी. क्या इस देश में शहीद भगत सिंह और बाबा साहब अंबेडकर से बड़ा कोई बलिदानी हो सकता है. जिन्होंने देश की आजादी के लिए इतनी बड़ी कुर्बानियां दी, उनको हम इस तरह से भूल जाएंगे, उनकी तस्वीरें हटा देंगे.
'कांग्रेस को तो गांधी जी से प्यार नहीं'
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब हम लोगों ने कुछ साल पहले बाबा साहब और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें लगाने का निर्णय लिया था तो कांग्रेस और उसके समर्थकों ने हमारी बड़ी निंदा की थी. कांग्रेस ने कहा था कि इन्होंने गांधी जी की तस्वीर नहीं लगाई. गांधी जी का अपमान किया. लेकिन जब बीजेपी ने बाबा साहब और भगत सिंह की तस्वीरें हटाई तो कांग्रेस कुछ नहीं बोली. मुझे बड़ी तकलीफ हुई. कांग्रेस को न तो गांधी जी से प्यार है और ना इनसे प्यार है. इन दोनों के बीच में यह घालमेल चल रहा है. कांग्रेस वालों ने एक शब्द नहीं बोला कि बीजेपी गलत कर रही है.
'अगर फ्री बस का सफर बंद कर दिया गया तो...'
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं कार्यक्रम में आने के दौरान रास्ते में सोशल मीडिया पर एक वीडियो देख रहा था. उस वीडियो में एक महिला बस में चढ़ी और उसने कंडक्टर से पिंक टिकट मांगी. कंडक्टर ने पिंक टिकट देने से मना कर दिया. कंडक्टर ने बोला कि हमें ऊपर से आदेश आया है कि जिन-जिन महिलाओं के पास फोन है, उनका टिकट नहीं देनी है, वह फोन पर एप डाउनलोड करके उससे टिकट ले लें. कितनी महिलाएं एप डाउनलोड करेंगी और एप से कौन महिला टिकट लेगी. प्रधानमंत्री जी कह कर गए थे कि कोई भी सुविधा बंद नहीं की जाएगी. मैं उनसे अपील करना चाहता हूं कि आपका बड़प्पन तब है, जब आप कुछ नई सुविधा दें और दिल्ली के लोगों को मिल रही मौजूदा सुविधाओं को बंद न करें. लाखों महिलाएं रोज दिल्ली की बसों के अंदर सफर करती हैं. बहुत सारी महिलाएं फ्री बस सफर की वजह से दूर-दूर तक अब नौकरी करने लगी है, अपना काम धंधा करने लगी हैं. कई बेटियां ऐसी हैं जो अब कॉलेज की पढ़ाई कर पा रही हैं. अगर फ्री बस का सफर बंद कर दिया गया तो उन सबको तकलीफ होगी.
'आपने जो वादे किए थे, वह वादे पूरे करो'
अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी से कहा कि आपने कहा था कि 8 मार्च को 2500 रुपए दिल्ली की महिलाओं के खाते में आ जाएंगे, लोग उसका इंतजार करते रह गए. आपने कहा था कि होली पर फ्री गैस का सिलेंडर मिलेगा, लोग इसका भी इंतजार करते रह गए. आपने जो वादे किए थे, वह वादे पूरे करो. आप पुरानी सुविधाओं को भी बंद करते जा रहे हो, यह तो लोगों के साथ धोखा हो जाएगा. यह तो सही नहीं है.
'हमारी पार्टी सत्ता के लिए नहीं आई थी'
अरविंद केजरीवाल ने शहादत दिवस पर आम आदमी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि हमारी पार्टी सत्ता के लिए नहीं आई थी. सत्ता से पैसा, पैसे से सत्ता के लिए नहीं आई थी. हमारी पार्टी बाबा साहब अंबेडकर और शहीद-ए-आजम भगत सिंह के सपनों को पूरा करने के लिए आई है. शहीदों के सपने ऐसे ही नहीं पूरे होंगे. इसके लिए बहुत बड़ी-बड़ी कुर्बानियां देनी पड़ेगी, लड़ना और संघर्ष करना पड़ेगा. आज हमारी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता वह संघर्ष कर रहा है. चाहे वह सड़क पर कर रहा हो, विधानसभा के अंदर कर रहा हो या संसद के अंदर कर रहा हो. संसद में जब संजय सिंह दहाड़ते हैं तो उनको पूरा देश सुनता है. हम लोगों को यह संघर्ष करते रहना पड़ेगा. मुझे विश्वास है कि जब आज के दौर का इतिहास लिखा जाएगा तो यह लिखा जाएगा कि केवल आम आदमी पार्टी थी, जिसने इन क्रूर शासक के खिलाफ संघर्ष किया और लड़ाई लड़ी.
सौरभ भारद्वाज ने क्या कहा?
‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली चुनाव में जिस तरह से अरविंद केजरीवाल की नई दिल्ली का चुनाव हुआ है, ऐसा लगता है जैसे चक्रव्यूह के अंदर पर अभिमन्यु को घेरकर छल-कपट से उसका वध किया था, ऐसे ही अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली के अंदर हराया गया. उन्होंने कहा कि जब लोग पूछते हैं कि अभी-अभी पार्टी चुनाव हार के बाहर निकली है, अब संगठन बनाने में तो बड़ी मुश्किल होगी. तब मेरे मन में एक ही बात आती है कि जब कोई सुनार को सोना दे जाता है, तब सुनार उसको गलाकर देखता है कि इसके अंदर पीतल कितना और सोना कितना है. जब पिघलता है, तो सोना अलग हो जाता है और पीतल अलग.
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव की हार के बाद सोना यहां आ गया और पीतल अलग हो गया. जो 24 कैरेट सोना है वह आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं. इससे पहले बड़ी मेहनत करनी पड़ती थी, यह देखने के लिए कौन हमारे साथ है, कौन हमारे साथ नहीं है. अब कोई जरूरत नहीं है. हम अपनी दुकान खोलकर बैठे हैं, जो आ रहा है, वह हमारे साथ है. जो हारकर भी हमारे साथ खड़ा है, वह कहीं नहीं जाने वाला है.
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