DU Protest: डीयू में कॉलेज का नाम सावरकर के नाम पर रखे जाने के फैसले का छात्र संगठनों ने किया विरोध
DU Protest News: छात्र संगठन एनएसयूआई ने भविष्य में खुलने वाले कॉलेजों में से एक का नाम हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर के नाम पर रखने के दिल्ली यूनिवर्सिटी के फैसले का विरोध किया है.
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DU Protest: नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (National Students Union of India) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (Students Federation of India) ने भविष्य में खुलने वाले कॉलेजों में से एक का नाम हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर के नाम पर रखने के दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के एक फैसले का सोमवार को विरोध किया. छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि ये इतिहास को तोड़ने मरोड़ने का एक प्रयास है. कांग्रेस (Congress) से जुड़े छात्र संगठन एनएसयूआई ने निर्णय वापस नहीं लेने पर यूनिवर्सिटी का कामकाज रोकने की चेतावनी दी.
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति ने खुलने वाले कॉलेजों और केंद्रों के नाम सावरकर और बीजेपी नेता दिवंगत सुषमा स्वराज के नाम पर रखने का फैसला किया है. माकपा की छात्र शाखा एसएफआई ने कहा, ‘‘दिल्ली यूनिवर्सिटी ने हाल ही में एक कार्यकारी बैठक में भविष्य में खुलने वाले कॉलेजों का नाम सावरकर के नाम पर रखने पर चर्चा की. यह इतिहास को तोड़ने- मरोड़ने का एक प्रयास है.’’ उसने कहा, ‘‘भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को नुकसान पहुंचाना’’ देश के लिए सावरकर का योगदान था.’’
एनएसयूआई की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष ने कही ये बात
उसने कहा, ‘‘एसएफआई, डीयू के कॉलेज का नाम सावरकर के नाम पर रखने के इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध करता है और छात्र समुदाय के सामने अपनी विफलताओं और विश्वासघात को छिपाने के लिए आरएसएस-बीजेपी के पाखंड और राष्ट्रवाद की उनकी झूठी बयानबाजी को उजागर करना जारी रखेगा.’’ एनएसयूआई की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष कुणाल सहरावत ने कहा कि अगर फैसला वापस नहीं लिया गया तो छात्रसंघ चुप नहीं बैठेगा. उन्होंने बयान में कहा, ‘‘मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन को खुली चेतावनी देता हूं कि अगर वे माफीवीर सावरकर के नाम पर कॉलेज खोलने का फैसला वापस नहीं लेते हैं तो एनएसयूआई चुप नहीं बैठेगा.’’
डीयू की अकादमिक परिषद ने लिया था ये बड़ा फैसला
डीयू की अकादमिक परिषद ने बीते अगस्त में हुई अपनी बैठक में फैसला किया था कि भविष्य में खुलने वाले कॉलेजों का नाम सावरकर, स्वराज, स्वामी विवेकानंद और सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर रखा जा सकता है. परिषद ने अटल बिहारी वाजपेयी, सावित्री बाई फुले, अरुण जेटली, चौधरी ब्रह्म प्रकाश और सी डी देशमुख के नामों का भी सुझाव दिया. इसने यूनिवर्सिटी के कुलपति को नामों को अंतिम रूप देने के लिए अधिकृत किया.
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