Haryana Assembly Budget Session 2025: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और ऊर्जा मंत्री अनिल विज के बीच कर्ज और खर्च को लेकर तीखी नोक-झोंक हुई. पूर्व सीएम हुड्डा ने बजट चर्चा के दौरान प्रदेश पर बढ़ रहे कर्ज और खर्चों पर नायब सिंह सैनी सरकार को घेरा. उन्होंने कर्ज पर सरकार से श्वेत पत्र की मांग की. इसपर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उनसे कहा कि आपकी हर बात का जवाब दिया जाएगा.
इसके बाद जब भूपेंद्र हुड्डा ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के घटाए गए बजट पर सवाल उठाए तो ऊर्जा मंत्री ने खड़े होकर उनसे जवाब मांगा कि वे बताएं किसका खर्चा कैसे घटाया जाए. इसपर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस-बाजी हुई. पूर्व सीएम ने कहा, "स्पीकर साहब यदि इनका यही रवैया रहा तो वे सदन में इन्हें बोलने नहीं देंगे."
मैं पांच साल खुलकर बोलूंगा- अनिल विज
इसका जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा, "मुझे जनता ने चुनकर भेजा है और मैं पांच साल खुलकर बोलूंगा और तुम्हारी जान खाउंगा." विज ने दावा किया कि इनके शासनकाल में उन्हें बोलने के लिए संघर्ष करना पड़ता था. वहीं इस हंगामे के बाद स्पीकर ने टोकते हुए मामले को शांत कराया.
हुड्डा ने 10 साल के कार्यकाल का मांगा जवाब
दरअसल, बजट पर चर्चा के दौरान पूर्व सीएम ने सरकार से जवाब मांगा कि 10 साल के कार्यकाल में कितना कर्जा बढ़ा है और कितने खर्चे बढ़े हैं, इस पर श्वेत पत्र लाना चाहिए. 10 साल के कार्यकाल में सरकार कोई भी नया प्रोजेक्ट नहीं लाई और न ही मेट्रो का एक भी नया पिलर लगाया गया है और एक इंच भी रेलवे लाइन नहीं बढ़ी है.
प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कानून व्यवस्था का बुरा हाल है. स्कूलों में शिक्षकों की कमी है तो अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है. हुड्डा ने कहा कि सरकार घी पीओ और सो जाओ की नीति पर चल रही है.
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