Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र धर्मशाला में चल रहा है. गुरुवार को हिमाचल शिक्षित बेरोजगार संघ विधानसभा के घेराव करने के लिए सड़कों पर उतरने वाला है. दोपहर बाद शिक्षित बेरोजगार युवा सड़कों पर उतरकर विधानसभा घेराव की कोशिश करेंगे. तपोवन में हिमाचल विधानसभा के नजदीक जोरावर स्टेडियम में सभी युवा एकत्रित होने वाले हैं. ये मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं.


सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने पहले ही कैबिनेट में एक लाख रोजगार देने का वादा किया था. इसके अलावा, पांच साल में पांच लाख रोजगार देने की बात कही गई थी. अब युवा सरकार से वादा निभाने के लिए कह रहे हैं.


सुक्खू सरकार से रोजगार देकर वादा निभाने की मांग


शिक्षित बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बाल कृष्ण ठाकुर ने कहा कि चुनाव के दौरान युवाओं ने अपने रोजगार के लिए कांग्रेस का खुलकर साथ दिया. कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ राज्य के नेतृत्व ने भी युवाओं से वादा किया कि उन्हें स्थाई रोजगार दिया जाएगा, लेकिन अब राज्य सरकार का ध्यान गेस्ट टीचर पॉलिसी और अस्थाई रोजगार पर आ गया है.


उन्होंने कहा कि यह युवाओं के साथ खुलेआम वादाखिलाफी हो रही है. हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने आउटसोर्स भर्तियों पर भी अंतरिम रोक लगाई है. बावजूद इसके कई विभागों में आउटसोर्स पर भर्ती की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि युवा अपना अधिकार मांगने के लिए आज सड़कों पर उतर रहे हैं और राज्य सरकार को यह अधिकार उन्हें देना ही होगा.


कांग्रेस सरकार से युवाओं का सवाल


बाल कृष्ण ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके मंत्री दो साल में 31 हजार रोजगार का वादा कर रहे हैं, लेकिन युवाओं को यह समझ नहीं आ रहा कि यह रोजगार आखिर किसे और कब दिया गया है. उन्होंने कहा कि लंबे वक्त से राज्य चयन आयोग में भर्तियां नहीं हुई हैं.


जब से इस नए आयोग का गठन हुआ, तब से यह क्रियाशील ही नहीं हुआ. ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहा है कि भर्तियां आखिर हो कहां रही हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए जिस तरह कांग्रेस के विधायक रोजगार के लिए युवाओं की आवाज बुलंद करते थे, उसी तरह आज वे सत्ता में रहते हुए भी युवाओं की बात सदन में उठाएं.


क्या है युवाओं की मुख्य मांगें?



  1. राज्य चयन आयोग में OMR से परिक्षाओं की बहाली.

  2. गेस्ट टीचर पॉलिसी को वापस लो.

  3. आउटसोर्स भर्तियों पर पूर्ण रोक.

  4. साल 2022 में HPSSC के द्वारा विज्ञापित परिक्षाओं का जल्द से जल्द आयोजन.

  5. नई भर्तियों की Requisition जल्द से जल्द राज्य चयन आयोग को भेजा जाए.

  6. HPU द्वारा विज्ञापित Non-Teaching Posts को अति शीघ्र भरने की अनुमति.

  7. लेक्चरर (कंप्यूटर साइंस) की भर्ती में पांच साल के टीचिंग अनुभव की शर्त को हटाओ.


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