वक्फ कानून को लेकर उमर अब्दुल्ला पर भड़कीं महबूबा मुफ्ती, 'मुझे डर है कि कहीं मुसलमानों को...'
Mehbooba Mufti on Wakf Law: वक्फ कानून को लेकर महबूबा मुफ्ती ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को मीटिंग बुलाई चाहिए थी. हम भी दिल्ली जाते और मुसलमानों की बात रखते.

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वक्फ कानून को लेकर माहौल गरमाया गया. सोमवार (7 अप्रैल) को मामला इतना बढ़ गया कि कांग्रेस और बीजेपी के विधायकों के बीच धक्का मुक्की हो गई है और हाथापाई की नौबत तक आ गई. इस पर पूर्व सीएम और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया सामने आई है.
पूरे मुल्क में मुसलमानोंका हाल बुरा है- मुफ्ती
मुफ्ती ने कहा, "आज जो कुछ जम्मू कश्मीर विधानसभा में हुआ उससे मेरा मन दुखी है. पूरे मुल्क में मुसलमानों का हाल बुरा है और उसके बाद एनआरसी और CAA कानून लाए गए. उससे भी दिल नहीं भरा तो वक्फ का सहारा भी मुसलमानों से छिना गया."
उन्होंने आगे कहा कि अब मुसलमानों को कब्रिस्तान भी नसीब नहीं होगा, ऐसे हालत बन गए हैं. मुझे डर है कि घर वापसी के तहत मुसलमानों को भी कब्रिस्तान के अभाव में शव जलाने को मजबूर किया जाये.
'मुस्लिम बहुल होने के बाद भी सरकार ने कुछ नहीं किया'
पीडीपी चीफ ने आगे कहा, "जम्मू कश्मीर मुस्लिम बहुल राज्य होने के बावजूद भी यहां कि सरकार ने कुछ नहीं किया. फारूक साहिब को ऑल पार्टी मीटिंग बुलानी चाहिए थी. हम भी दिल्ली जाकर देश भर के मुसलमानों के साथ बात करते. इसके उलट उमर अब्दुल्ला उस मंत्री के साथ ट्यूलिप गार्डन में जी-हुजूरी करते दिखे जिन्होंने मुसलमानो के गल्ले पर वक्फ बिल की छुरी रखी."
'मैं देश के मुसलमानों से माफी मांग रही हूं'
महबूबा मुफ्ती ने ये भी कहा, "मैं शर्मिंदा होकर देश के मुसलमानों से माफ़ी मांग रही हूं कि हम दो देशी नजरिये को नकारने वाले मुसलमानों की बात नहीं कर पाये. कश्मीर ने ऑपरेशन ब्लू स्टार पर हड़ताल की तो क्या आज मुसलमानों के लिए खड़े नहीं हो सकते थे?"
It’s profoundly disappointing that the speaker J&K Assembly has rejected the motion on the Waqf Bill. Despite securing a strong mandate, the government appears to have completely yielded to the BJP’s anti-Muslim agenda, cynically attempting to appease both sides. The National…
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) April 7, 2025
तमिलनाडु की सरकार से सीख ले नेशनल कॉन्फ्रेंस- महबूबा
अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा, "यह बहुत निराशाजनक है कि जम्मू और कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष ने वक्फ बिल पर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. मजबूत जनादेश हासिल करने के बावजूद, सरकार पूरी तरह से भाजपा के मुस्लिम विरोधी एजेंडे के सामने झुक गई प्रतीत होती है, जो दोनों पक्षों को खुश करने की निंदनीय कोशिश कर रही है. नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) तमिलनाडु की सरकार से सीख ले सकती है, जिसने वक्फ बिल का डटकर विरोध किया है. जम्मू और कश्मीर, जो एकमात्र मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, में यह चिंताजनक है कि एक कथित रूप से जन-केंद्रित सरकार के पास इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस करने का भी साहस नहीं है."
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Source: IOCL























