Ranchi News: रांची के कोतवाली थाने में पदस्थापित दारोगा ऋषिकांत को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को एक व्यक्ति से पांच हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. एसीबी की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, दारोगा ने भागकर महिला थाने में छिपने की कोशिश की. टीम ने अंततः उसे अपने शिकंजे में ले लिया.


दारोगा एक व्यक्ति का जब्त किया गया मोबाइल रिलीज करने के लिए रिश्वत ले रहा था. आरोप है कि उसने केस डायरी लिखने के लिए अलग से 20 हजार रुपए की मांग की थी.


कीमती मोबाइल फोन भी पुलिस ने किया जब्त 


एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि रांची के एक व्यक्ति को कोतवाली थाने की पुलिस ने पूर्व में आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था. आरोपी का एक कीमती मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किया था. इस केस में दारोगा ऋषिकांत को अनुसंधान पदाधिकारी बनाया गया था.


दारोगा के ट्रैप की योजना तैयार की गई


आरोपी ने जब मोबाइल फोन रिलीज करने का आग्रह किया तो दारोगा ने उससे रिश्वत की मांग की थी. इसके बाद आरोपी के भाई ने एसीबी के पास शिकायत दर्ज कराई. एसीबी ने प्रारंभिक जांच में शिकायत को सही पाया. इसके बाद दारोगा के ट्रैप की योजना तैयार की गई.


रांची में शुक्रवार को तय योजना के अनुसार, दारोगा को जैसे ही रिश्वत की रकम दी गई, एसीबी के दस्ते ने उसे तुरंत घेर लिया. इधर खुद को फंसता देख दारोगा ने भागकर महिला थाना परिसर में छिपने की कोशिश भी की. लेकिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार दारोगा से पूछताछ चल रही है. झारखंड में सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप में औसतन हर सातवें दिन एक लोकसेवक को गिरफ्तार किया जा रहा है.'



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