Jharkhand News: झारखंड में अवैध वनों की कटाई को लेकर वन विभाग सख्त, की ये बड़ी कार्रवाई
वनों की अवैध कटाई को लेकर झारखंड और बिहार के बीच झारखंड सीमा पर अवैध रूप चल रहे पांच आरामिलों को ध्वस्त करते हुए भारी मात्रा में बेशकीमती लकड़ियों को जब्त किया है.
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Jharkhand News: झारखंड में हो रही अवैध वनों की कटाई को लेकर वन विभाग अब सख्त हो गया है. विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड और बिहार के बीच झारखंड सीमा पर अवैध रूप चल रही पांच आरामिलों को ध्वस्त करते हुए भारी मात्रा में कीमती लकड़ियों को जब्त किया है. इन पांचों मिल मालिकों पर वन्य अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की गई है. यह कार्रवाई झारखंड और बिहार के वन के अधिकारी ने संयुक्त रूप से की है. बताया जाता है कि झारखंड सीमा पर इन आरामिलों में झारखंड के जंगलों से बेशकीमती पेड़ों को काटकर फर्नीचर का टुकड़ा किया जाता था और उसे ज्यादा दामों में बिहार और बंगाल में बेचा जाता था.
जेसीबी से ध्वस्त की गई आरा मशीनें
बता दें कि झारखंड के साहिबगंज जिले के मिर्जाचौकी और फौजदारी गांव में चल रहे अवैध आरा मिलों को वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेबीसी से ध्वस्त कर दिया. साथ ही सभी आरा मिलों की सैकड़ों बोटा कीमती लकड़ियों को भी जब्त कर लिया गया. यह कार्रवाई झारखंड और बिहार के वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से की है.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक झारखंड बिहार की सीमा पर कई वर्षों से अवैध आरामिलों का कारोबार बढ़ रहा था. आए दिन राजमहल और मंडरो पहाड़ के वनों से लकड़ी माफिया कीमती लकड़ियों को काट कर आरामिल ले जाया करते हैं. जहां इन लकड़ियों को फर्नीचर का साइज देकर बिहार और बंगाल में ज्यादा दामों में बेचते थे. इसकी खबर वन विभाग को लगी और झारखंड बिहार सीमा पर अवैध रूप से चल रहे इन लकड़ी माफिया और आरामिल मालिकों पर कार्रवाई करने के लिए बिहार और बंगाल की अधिकारियों टीम ने संयुक्त रूप रणनीति बनाकर सीधा कार्रवाई की. वन विभाग ने सख्ती दिखाते हुए पांचों आरा मिलों को बंद करा दिया. इनके यहां वन से काट गये सागवान सखुआ और शिमल जैसे लाखों रुपये की सैकड़ों कीमती लकड़ियों को जब्त किया है.
संचालकों पर मामला दर्ज
जानकारी के मुताबिक आरामिलों के संचालकों से दस्तावेज की मांग की गई, लेकिन संचालक दस्तावेज नहीं कर पाए. वहीं एक आरा मिल संचालक की पुत्री ने कुछ डॉक्यूमेंट भी दिखाए, जो सही नहीं पाया गया. इधर इलाके में वन विभाग की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है. डीएफओ मनीष तिवारी व सदर एसडीओ हेमन्त सती ने बताया कि झारखंड और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में माफिया द्वारा अवैध रूप से वन की लकड़ियों का तस्करी का धंधा कर रहे हैं.
वनों का कटाई की जा रही है लेकिन अब कोई भी गोरखधंधा नहीं चलने नहीं दिया जाएगा. इस कटाई पर रोक लगाने के लिए वन विभाग अब सीधी कार्रवाई कर अवैध रूप से चल रहे ऐसे आरा मिल को या तो बंद कर दिया जा रहा है या फिर उन्हें ध्वस्त की कार्रवाई कर उन संचालकों पर मामला दर्ज किया जा रहा है. अब जब्त की गई लकड़ी को ट्रैक्टर से साहिबगंज भेजने की कार्रवाई की जा रही है. करीब 40 से ज्यादा वाहनों में जब्त लकड़ियों को वन विभाग भेजा गया है. वन विभाग द्वारा यह तीसरी और सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है.
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