रामगढ़ की कांग्रेस विधायक ममता देवी (Mamata Devi)से जुड़े आईपीएल गोलीकांड मामले की मंगलवार को सुनवाई हुई. विधायक ममता देवी को 5 सालों की सजा हुई. ऐसे में ममता देवी विधायकी जानी लगभग तय है. बता दें कि 8 दिसंबर को विधायक ममता देवी समेत अन्य 13 लोगों को हजारीबाग कोर्ट के आदेश पर हिरासत में लिया गया था. इससे पहले कांग्रेस विधायक बंधु तिर्की की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में उन्हें CBI की स्पेशल कोर्ट ने 28 मार्च को दोषी पाया था. लिहाजा तिर्की को 3 साल की सज़ा सुनाई थी और तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया था.


साल 2016 का है यह मामला
मामला साल 2016 का है, जिसमें नागरिक चेतना मंच के बैनर तले मांगों को लेकर आईपीएल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन हुआ था. वर्तमान विधायक सह तत्कालीन जिला परिषद सदस्य ममता देवी और राजीव जायसवाल ने इसका नेतृत्व किया था. विस्थापितों, ग्रामीणों व प्रबंधन के बीच वार्ता विफल होने के बाद विवाद बढ़ने से ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प और पथराव हुआ था. इस दौरान फायरिंग में दशरथ नायक (50वर्ष) और रामलखन महतो उर्फ फुतू महतो (40वर्ष) की मौत हो गयी थी, जबकि दोनों ओर से लगभग 43 लोग घायल हुए थे. इसके बाद आक्रोशित लोगों ने गोला के तत्कालीन सीओ के वाहन को जला दिया था.


आठ लोगों को तीन-तीन माह की सुनायी गई थी सजा
इस मामले को लेकर गोला और रजरप्पा थाना में अलग-अलग मामला दर्ज किया गया था. जानकारी के अनुसार एक मामले में विधायक ममता देवी, राजीव जायसवाल समेत आठ लोगों को तीन-तीन माह की सजा सुनायी गई थी. फिर जमानत पर रिहा कर दिया गया था. जबकि रजरप्पा थाना कांड संख्या 79/16 एवं गोला थाना कांड संख्या 65/16 में आरोपी ममता देवी, राजीव जायसवाल, कौलेश्वर, अभिषेक सोनी, बालेश्वर भगत, जद्दु महतो, लाल बहादुर महतो, सुभाष एवं कुंवर महतो को लगातार तीन तारीखों पर अनुपस्थित रहने के कारण जमानत खारिज कर गैर जमानती वारंट जारी भी किया गया था.