Jharkhand: विधानसभा में नमाज के लिए कमरा किस बुनियाद पर रिजर्व किया गया? झारखंड हाईकोर्ट का स्पीकर से जवाब तलब
Namaz Controversy: झारखंड विधानसभा में सात सितंबर 2021 को एक कक्ष को नमाज के लिए आवंटित करने के मामले में हाई कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर से मांगा जवाब.
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Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की विधानसभा में नमाज पढ़ने के लिए अलग कक्ष आवंटित करने के मामले में संबंधित पक्ष को जवाब तलब किया है. झारखंड हाई कोर्ट ने मंगलवार को राज्य विधानसभा से पूछा कि विधानसभा परिसर में किस आधार पर और किन परिस्थितियों में 'नमाज कक्ष' आवंटित किया गया है.
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और जस्टिस आनंद सेन की बेंच ने सरकार से मामले में हलफनामा दाखिल करने को कहा है. साल 2021 में झारखंड विधानसभा में एक कक्ष को नमाज के लिए आवंटित कर दिया गया था जिसके खिलाफ सात सितंबर 2021 को उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी और इसे संवैधानिक व्यवस्था के बिल्कुल विपरीत बताया गया. इस मामले में हाईकोर्ट ने पहले भी नोटिस जारी किया था.
हनुमान मंदिर की उठी थी मांग
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान विधानसभा को जवाब दायर करने के लिए अंतिम मौका दिया है. वहीं अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मई को है. कमरा टीडब्लयू 348 को सितंबर 2021 में नमाज अदा करने के लिए आवंटित किया गया था, जिसके कारण विपक्षी भाजपा ने विरोध किया, हंगामा के बीच अब भाजपा ने विधानसभा परिसर में एक हनुमान मंदिर की मांग की है बीजेपी के विधायक विरंचि नारायण ने कहा था कि तब तो सभी धर्मो के पूजा स्थल को परिसर में बनाना चाहिए बीजेपी ने आरोप लगाते हुए कहा इसे तुष्टीकरण राजनीति बताया है.
बता दें कि झारखंड विधानसभा में कमरा नंबर टीडब्ल्यू 348 को नमाज कक्ष बनाया गया था. ताकि इस कक्ष में मुस्लिम विधायक और अन्य मुस्लिम कर्मचारी नमाज पढ़ सकें. यह आदेश विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो की तरफ से विधानसभा सचिवालय ने जारी किया था. इस मसले पर विवाद बढ़ने के बाद हाईकोर्ट ने विधानसभा को समन जारी कर जवाब मांगा है.
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