Bhopal News: मध्य प्रदेश नगरीय निकाय पॉलिटिक्स में धमकी का दौर शुरू हो चुका है. पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता कमलनाथ ने नगरीय निकाय चुनावों में बीजेपी के साथ काम करने वाले अधिकारियों का अपने कार्यकर्ताओं से डाटा मांगा है. पीसीसी चीफ कमलनाथ ने धमकी भरे लहजे में मध्य प्रदेश के उन कर्मचारियों व अधिकारियों को चेताया है जो इन चुनावों में बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी शिवराज सरकार के समर्थन में नगरीय निकाय चुनाव के दौरान कार्य कर रहे हैं उनका वक्त 15 महीने बाद बदल जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों कर्मचारियों को चिन्हित किया जा रहा है जो शिवराज सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. कमलनाथ ने कहा कि ऐसे अधिकारी जो निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं उनका 15 महीने बाद हिसाब किया जाएगा.
मध्य प्रदेश की राजनीति में आम होती जा रही है धमकी पॉलिटिक्स
मध्य प्रदेश में धमकी पॉलिटिक्स का यह कोई नया मामला नहीं है. इससे पहले जब 15 महीने की कांग्रेस सरकार थी तब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एक जनसभा को संबोधित करते हुए कलेक्टर को चेताया था. इस तरीके की भाषा आज की मध्य प्रदेश की राजनीति में आम होती जा रही है, जो पहले कभी प्रयोग में नहीं लाई जाती थी.
15 दिल बाद लूंगा ऐसे अधिकारियों का हिसाब
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने सभी जिलाअध्यक्षों एवं क्षेत्रीय नेताओं को सरकार के साथ मिलकर चुनाव को प्रभावित करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूची बनाने की बात भी कही है. इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भी कहा है कि ऐसे अधिकारी जो निष्पक्ष रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं और सरकार के हिसाब से कार्य कर रहे हैं उन्हें समय आने पर सबक सिखाया जाएगा. जब 15 महीने बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होगी. अब देखने वाली बात होगी इस मुद्दे पर बीजेपी के नेता किस प्रकार से प्रतिक्रिया देते हैं.
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