बड़ी लापरवाही! इंदौर में कलेक्टर ने 9 तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को दी हिदायत, जानें वजह
MP News: इंदौर में कलेक्टर आशीष सिंह ने समय सीमा में राजस्व मामलों का समाधान नहीं करने पर 9 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के खिलाफ कार्रवाई की है.

Indore News: सरकार भले ही बदलती रहती है मगर सरकारी दफ्तरों में काम करने का तरीका बदलना काफी मुश्किल हो जाता है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रभार वाले जिले इंदौर में कलेक्टर आशीष सिंह ने समय सीमा में राजस्व प्रकरणों का निराकरण नहीं करने वाले 9 तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के खिलाफ कार्रवाई की है. इन पर पेनाल्टी लगाई गई है.
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि इंदौर में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के प्रकरण समय सीमा पर निराकरण किया जाने के संबंध में कई बार बैठक लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है. इसके बावजूद समय सीमा में 9 तहसीलदार और नायब तहसीलदार 44 प्रकरणों में लापरवाही बरत रहे थे.
इसी को दृष्टिगत रखते हुए सभी को पेनाल्टी लगाई गई है. इसके अलावा एसडीएम को निर्देशित किया गया है कि अपने अधीनस्थ अमल पर नियंत्रण रखें ताकि इस प्रकार की लापरवाही आगे देखने को ना मिले. कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि अधिकारियों पर पेनाल्टी लगाते हुए उन्हें हिदायत दी गई है कि आगे ऐसी लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए.
इन इलाके के राजस्व अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि आरसीएमएस में दर्ज राजस्व प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण नहीं करने पर जिन तहसीलदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें तहसीलदार कनाडिया, खुडेल, बिचोली हैप्सी, हातोद, अपर तहसीलदर जून इंदौर, नायब तहसीलदार खुडेल, देपालपुर, हातोद और गौतमपुरा शामिल है. सभी पर अर्थदण्ड भी लगाया गया है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रभार वाले जिलों इंदौर में राजस्व संबंधी प्रकरणों में ऐसी लापरवाही देखने को मिली कि कलेक्टर को काम करवाने के लिए अधिकारियों पर अर्थ दंड लगाना पड़ा है. ऐसी स्थिति में स्पष्ट है कि लोगों को अपना काम करवाने में कितनी दिक्कत का सामना करना पड़ता है.
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