BJP MLA चिंतामणि मालवीय के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जीतू पटवारी ने कहा, 'नोटिस ही देना तो...'
MP Politics: बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय को कांग्रेस का समर्थन मिला है. जीतू पटवारी ने कहा कि नोटिस देना था तो प्रहलाद पटेल, गोविंद सिंह राजपूत और विश्वास सारंग को देते.

MP News: बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सार्वजनिक मंच पर पार्टी की आलोचना के लिए विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है. बता दें कि चिंतामणि मालवीय ने कुछ दिन पहले विधानसभा में उज्जैन सिंहस्थ के लिए चल रहे भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए फैसले को किसान विरोधी बताया था. पार्टी से नोटिस जारी होने के बाद उन्होंने बयान पर कायम रहने की बात की है. उन्होंने खुद को पार्टी का अनुशासित और कर्मठ कार्यकर्ता भी बताया.
चिंतामणि मालवीय ने कहा, "मैंने जो कुछ कहा है वह सदन के अंदर का विषय है. समस्याओं को सदन में रखने का विधायक का विशेषाधिकार है. मुझे अभी तक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है. नोटिस मिलने पर तथ्यों के साथ जवाब दूंगा." विपक्षी कांग्रेस बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय के समर्थन में आ गई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "मोहन यादव सरकार पर भू माफियाओं का कब्जा हो गया है. चिंतामणि मालवीय ने जनप्रतिनिधि होने के नाते अपनी बात सदन में रखी, लेकिन जेपी नड्डा ने विधायक को नोटिस दे दिया. नोटिस देना था तो प्रहलाद पटेल को देते. उन्होंने जनता को भिखारी कहा था. नोटिस गोविंद सिंह राजपूत और विश्वास सारंग को मिलनी चाहिए थी."
चिंतामणि मालवीय को BJP ने जारी किया नोटिस
कांग्रेस विधायकों ने चिंतामणि मालवीय को मिले नोटिस पर सवाल उठाए. अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को जमीन से बहुत प्यार है. बीजेपी विधायकों को उज्जैन के बारे में कुछ नहीं बोलना चाहिए, वरना नोटिस थमा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मोहन यादव पर्ची वाले मुख्यमंत्री हैं और मध्य प्रदेश की सरकार दिल्ली से चल रही है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि इस बार सिंहस्थ अलौकिक होगा. उन्होंने उज्जैन में अखाड़ों के लिए भूमि अधिग्रहित करके भवन बनाए जाने का ऐलान किया था.
उज्जैन में जमीन अधिग्रहण का किया था विरोध
उज्जैन से बीजेपी विधायक भूमि अधिग्रहण पर भिड़ गए थे. चिंतामणि मालवीय ने विधानसभा में पूछा था कि टेंट सिटी की जगह पक्के निर्माण की क्या जरूरत है. उन्होंने कहा, "किसानों की जबरदस्ती जमीन अधिग्रहण की जा रही है. पहले 3 या 6 माह के लिए जमीन ली जाती थी. मेला खत्म होने के बाद किसानों को जमीन वापस दे दिया जाता था. मगर अब ऐसा नहीं हो रहा है. सांसारिक जीवन त्याग चुके साधु भवन का क्या करेंगे? चिंतामणि मालवीय की आपत्ति पर बीजेपी के दूसरे विधायक अनिल जैन सदन में खड़े हुए. उन्होंने कहा कि सिहंस्थ का कार्यक्रम मेरे विधानसभा में है. आपको इससे क्या दिक्कत है? आप विकास के खिलाफ हो?''
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