Parvati Kalisindh Chambal River Link Project: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) अंतरराज्यीय नदी लिंक परियोजना के कार्यान्वयन के लिए संयुक्त पहल में हिस्सा लिया. नदियों के जल को दोनों राज्यों के सीएम ने कलश में भरा. करीब दो दशक बाद पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना का कार्यान्वयन होने जा रहा है. इस पर करीब 72 हजार करोड़ की लागत आएगी.
एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस परियोजना को लेकर कहा कि सहमति नहीं बन पाने की वजह से योजना में देरी हुई. एमपी और राजस्थान के प्रमुख सचिव और केंद्र सरकार ने मिलकर समझौता कर MOU किया है.
20 साल पुरानी उलझन दूर हो गई- मोहन यादव
एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव ने आगे कहा, ''20 साल का वक्त चला गया है. अब हमलोग साथ मिलकर काम करेंगे. 20 साल पुरानी उलझन को दूर किया. चंबल, मालवा अंचल को पीने का पानी, खेतों में पानी, बिजली का उत्पादन, बांधों की संरचना में मदद मिलेगी. करीब 72 हजार करोड़ की इस परियोजना से मध्य प्रदेश में विकास होगा.''
राजस्थान और एमपी दोनों भाई-भाई- मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ये भी कहा कि पीएम मोदी भावना के अनुरूप चंबल-पार्वती-कालीसिंध की जल-धाराओं का मध्यप्रदेश और राजस्थान के लिए इस्तेमाल का बहुत ही अहम फैसला लिया गया है. राजस्थान और एमपी दोनों भाई-भाई हैं. दोनों के बीच इस परियोजना को लेकर एमओयू हुआ है. इस अहम प्रोजेक्ट की वजह से ही मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, राजगढ़ समेत 13 जिलों में पेयजल और खेतों की सिंचाई की सुविधाएं बढ़ाई जा सकेंगी. राजस्थान और एमपी इस जल का बेहतर इस्तेमाल करेगा और विकास में एक नई इबारत लिखी जाएगी.
राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा ने क्या कहा?
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, ''दोनों राज्यों के बीच पार्वती कालीसिंध चंबल के समझौते के प्रारूप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मूर्त रूप दिया है. इससे राज्य का किसान वर्ग भी समृद्ध होगा. दोनों राज्य और केंद्र मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाने का काम करेंगे''.
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