MP News: इंदौर में कारगर साबित हुई टेली-मानस हेल्पलाइन, मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों को हो रहा फायदा
Indore News: टेली मानस के इंदौर के प्रभारी डॉ. कृष्णा मिश्रा ने कहा कि 18-45 आयु वर्ग वर्किंग प्रोफेशनल जिंदगी का हिस्सा है और यह सबसे एक्टिव ग्रुप भी है. इस आयु वर्ग में रिस्क सबसे अधिक है.

Indore Tele-Manas Helpline: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में टेली-मानस हेल्पलाइन पर रोजाना 115 से 130 कॉल आ रहे है. अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2023 के दिसंबर महीने में ही हेल्पलाइन को इंदौर केंद्र पर 3830 से अधिक कॉल प्राप्त हुईं, इनमें 73 प्रतिशत से अधिक कॉल 18 से 45 वर्ष की बीच के आयु के युवाओं की थी. सेंटर की अक्टूबर 2022 में शुरुआत हुई थी. वहीं उसके के बाद से हेल्पलाइन को अबतक मदद के लिए करीब 42 हज़ार से अधिक कॉल प्राप्त हुई हैं. इसके अलावा, आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि इस आयु वर्ग के लोगों में देखी जाने वाली प्रमुख समस्याएं डिप्रेशन, टेंशन, प्रोफेशनल प्रोब्लेम्स और एग्जाम से संबंधित सवाल थे.
टेली मानस के इंदौर के प्रभारी डॉ. कृष्णा मिश्रा ने बताया कि डॉ. वीएस पाल इस सेंटर को लीड कर रहे हैं. लोगों की 60 प्रतिशत से अधिक कॉल डिप्रेशन से जुड़ी होती हैं. इसके कई कारण हो सकते हैं जिनमें बदलती जीवन शैली, करियर संबंधी उलझनें, नींद न आना, आहार की अनियमितता, शराब का अत्यधिक सेवन शामिल हैं. यही वजह है कि लोग टेली मानस हेल्पलाइन पर हेल्प मांगते हैं.
'18-45 आयु वर्ग में रिस्क सबसे अधिक है'
डॉ मिश्रा ने कहा कि 18-45 आयु वर्ग वर्किंग प्रोफेशनल जिंदगी का हिस्सा है और यह सबसे एक्टिव ग्रुप भी है. डॉ. मिश्रा ने कहा कि इस आयु वर्ग में रिस्क सबसे अधिक है. इन लोगो को प्रदूषित वातावरण और मानसिक स्वास्थ्य बीमारी से संबंधित परेशानियों से जूझना भी पड़ता है.
11 परामर्शदाता 24/7 काम कर रहे हैं
आपको बता दें कि टेली-मानस का लक्ष्य पूरे देश में चौबीसों घंटे मुफ्त टेली-मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, यहां तक कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी ये लोग सेवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं. इनमें से एक केंद्र इंदौर के शासकीय मानसिक अस्पताल में शुरू किया गया था, जो एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है इसमें मरीजों को मेन्टल हेल्थ सहायता देने के लिए 11 परामर्शदाता 24/7 काम कर रहे हैं. यहां तक की अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान- बैंगलोर (IIITB) इन्हें टेक्नीकल सहायता दे रहा है.
ये भी पढ़ें: MP News: ग्वालियर में बेटे के साथ दंपति की फंदे से झूलता मिला शव, सुसाइड नोट में हुआ हैरान करने वाला खुलासा
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस

