MP Urban Body Election 2022: कभी काला पानी माना जाने वाला सिंगरौली अब बन चुका है मध्य प्रदेश की उर्जाधानी, ऐसा रहा है नगर निगम चुनाव का सफर
MP News : सिंगरौली 2000 में नगर पालिक निगम बना था, उस साल हुए चुनाव में सिंगरौली के मेयर का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित था. कांग्रेस की रेनू अशोक शाह ने बीजेपी की मधु झा को हराया था.
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ऋषि श्रृंगी की तपोभूमि सिंगरौली (Singrauli) कभी काले पानी की सजा के लिए जाना जाता था. समय के साथ सिंगरौली में भी बदलाव आया. अब सिंगरौली की पहचान काला पानी की सजा नहीं मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की उर्जाधानी के रूप में होती है. इस दिनों प्रदेश में नगर निगम चुनाव (MP Urban Body Election 2022) का शोर है. सिंगरौली के गली-मोहल्लों में भी चुनाव की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं. आइए हम आपको बताते हैं सिंगरौली नगर निगम के बारे में.
कौन था सिंगरौली का पहला मेयर
विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण सिंगरौली को 2000 में मर्ज कर नगर पालिक निगम सिंगरौली का दर्जा दिया गया. उस साल हुए चुनाव में सिंगरौली के मेयर का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित था. उस समय प्रदेश में दिग्विजय सिंह की सरकार थी. कांग्रेस ने रेनू अशोक शाह को टिकट दिया था. वहीं बीजेपी ने मधु झा को मैदान में उतारा था. सिंगरौली के पहले चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी में जबरदस्त मुकाबला हुआ था. मतगणना में कांग्रेस की रेनू शाह ने बीजेपी की मधु झा को 1500 मतों के अंतर से मात दी थी. इस तरह रेनू शाह सिंगरौली नगर निगम की पहली महापौर चुनी गई थीं. इस जीत के साथ ही रेनू शाह के नाम एक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया था. चुनाव के समय उनकी 25 साल एक महीने थी. वह उस समय देश में सबसे कम उम्र की महापौर थीं. इस उपलब्धि पर उनका नाम 'लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड' ने शामिल किया गया था. साल 2005 में हुए दूसरे चुनाव में महापौर की सीट पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित कर दी गई. इस चुनाव में रामलल्लू वैश्य महापौर चुने गए थे.
सिंगरौली अगल जिला कब बना
इसके बाद 24 मई 2008 को सीधी से अलग होकर सिंगरौली नया जिला बन गया था. सिंगरौली की नया जिला बनाने के बाद 2009 में नगर निगम का चुनाव हुआ. सिंगरौली का तीसरा निकाय चुनाव भी कम दिलचस्प नहीं रहा. बीजेपी ने पूर्व जिला अध्यक्ष कांति शीर्ष देव सिंह (खटाई रियासत के राजकुमार) को टिकट दिया. वहीं कांग्रेस ने रेनू का टिकट काट कर अरविंद सिंह चंदेल को टिकट दिया था. इससे नाराज होकर रेनू शाह बसपा का हाथ थाम लिया. इससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं प्रचार किया. लेकिन वो बीजेपी उम्मीदवार को हारने से नहीं बचा पाए. बीजेपी उम्मीदवार 27 सौ वोटों के अंतर से हार गया. हाथी पर सवार रेनू शाह एक बार फिर से महापौर चुनी गईं.
पिछला चुनाव किस पार्टी ने जीता था
इसके बाद 2015 के चुनाव में महापौर की सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग (एसटी) की महिला के लिए आरक्षित थी. इस चुनाव में बीजेपी ने प्रेमवती खैरवार को महापौर चुना गया. वहीं 2022 में सिंगरौली नगर निगम का रोचक हो गया है. इस बार मेयर के चुनाव में 12 प्रत्याशी मैदान में हैं. बीजेपी ने चंद्र प्रताप विश्वकर्मा, कांग्रेस ने अरविंद सिंह चंदेल और आम आदमी पार्टी ने रानी अग्रवाल को टिकट दिया है. सभी उम्मीदवार जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हैं. मुख्य मुकाबला बीजेपी, कांग्रेस और आप उम्मीदवार के बीच में माना जा रहा है.
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