Saurabh Sharma Arrest: मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को आखिरकार लोकायुक्त पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि सौरभ शर्मा से कई मामलों में कड़ी पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा कि आगे जो भी कानून संगत होगा वह किया जाएगा.
वहीं सौरभ शर्मा की वकील राकेश पराशर ने कहा हमने सौरभ शर्मा के सरेंडर को लेकर सोमवार को एप्लीकेशन दिया था. आज सौरभ शर्मा को सरेंडर करना था, लेकिन इससे पहले ही लोकायुक्त ने उसे हिरासत में ले लिया. यह गैरकानूनी गिरफ्तारी है.
छापेमारी में हुआ ये खुलासा
लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के कई ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये की चल अचल संपत्ति का खुलासा किया था. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग की टीम ने भी कार्रवाई की थी. यह कार्रवाई लगातार 9 दिनों तक चलती रही. 19 दिसंबर 2024 से 27 दिसंबर 2024 तक छापामार कार्रवाई के दौरान सौरभ शर्मा के ठिकानों से 93 करोड़ से ज्यादा की अचल संपत्ति का पता चला था.
इसके अलावा लावारिस हालत में मिली कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये कैश भी मिले थे. इसके बाद सौरभ शर्मा के सहयोगी मित्र शरद जायसवाल, रोहित तिवारी और चेतन सिंह गौर के यहां भी प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की थी.
अभी तक सौरभ शर्मा मामले में 100 करोड़ से ज्यादा की चल अचल संपत्ति का पता चल चुका है. अब अरबपति पूर्व कांस्टेबल को लोकायुक्त पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
न्यायालय में सरेंडर करने से पहले धरायासौरभ शर्मा के वकील ने न्यायालय में सरेंडर के लिए आवेदन किया था. इसके अलावा सौरभ शर्मा ने अपनी सुरक्षा भी मांगी थी. इसी बीच न्यायालय की ओर से उसे सरेंडर करने का समय भी मिल गया था. जब न्यायालय परिसर से सौरभ शर्मा बाहर निकल रहा था, उसी समय लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे पकड़ लिया. हालांकि अभी गिरफ्तारी की औपचारिक स्थान और जानकारी नहीं दी गई है.
