Dharmendra Pradhan in Ujjain: संकट चतुर्थी पर दो केंद्रीय मंत्री भगवान महाकाल की शरण में पहुंचे. पहले विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर (Dr. S Jaishankar) ने भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया. इसके बाद केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) भी भगवान महाकाल की शरण में पहुंच गए.


संकट चतुर्थी पर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने का विशेष महत्व माना गया है. भगवान महाकाल कालों के काल हैं और सारे संकट टालने वाले हैं. संकट चतुर्थी पर उपवास करने और भगवान का आशीर्वाद लेने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. इंदौर में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन शामिल होने के लिए पहुंचे केंद्रीय विदेश मंत्री और केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री ने भगवान महाकाल के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना भी की. 


महाकाल मंदिर समिति की ओर से दोनों केंद्रीय मंत्रियों का स्वागत भी किया गया. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की मंदिर के प्रमुख पुजारी घनश्याम गुरु ने पूजा करवाई. इस दौरान भगवान को तिल भी अर्पित किए गए.




दूध और दही से अभिषेक का विशेष महत्व 
राजाधिराज भगवान महाकाल के दरबार में दूध दही से अभिषेक का विशेष महत्व माना गया है. केंद्रीय मंत्री ने भगवान महाकाल का दूध से अभिषेक किया. इसके बाद उन्हें वस्त्र भी अर्पित किए. इस दौरान उनके साथ मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे. 


ऑनलाइन टिकट की भी है व्यवस्था
जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपको महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन जल्दी में करने हैं, तो इसके लिए ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था भी शुरू हो गई है. इसके अलावा, मंदिर परिसर में टिकट काउंटर की भी सुविधा है. हालांकि, भारी भीड़ वाले समय में काउंटरों पर लंबी लाइन होती है. ऐसे में ऑनलाइन टिकट लेना ही आपके लिए बेहतर होगा. इसलिए अब दर्शनार्थी शीघ्र दर्शन के लिए मंदिर की वेबसाइट से ही 250 रुपये का टिकट खरीद रहे हैं. 


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