Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और राजनीति का केंद्र समझे जाने वाले APMC मंडियों के चुनाव में महाविकास आघाडी से BJP-शिंदे गुट को बड़ा झटका लगा है. 147 में से 81 सीटों पर MVA ने जीत हासिल की जबकि 42 पर बीजेपी शिंदे गुट रहा तो 24 जगह दूसरे गठबंधन को जीत मिली है.
एकनाथ शिंदे की सरकार में मंत्री दादा भूसे ,संजय राठौड़ तानाजी सावंत और BJP के राधाकृष्णन विखे पाटिल, विजयकुमार गावित,पंकजा मुंडे समेत कई दिग्गजों को अपने चुनाव क्षेत्र में बड़ा झटका लगा है. वहीं अमरावती जिले में सांसद नवनीत राणा और से विधायक पति रवि राणा के गठबंधन का भी सूपड़ा साफ़ हो गया. अमरावती APMC मंडी में पूर्व मंत्री यशुमति ठाकुर के समर्थन वाले पैनल ने की शानदार जीत हासिल की.
उधर, पुणे में एपीएमसी चुनाव समिति पर एनसीपी (बागी) और बीजेपी का एक पैनल सत्ता में आ गया है. अन्नासाहेब मगर शेतकारी विकास अघाड़ी ने 18 में से 13 सीटें जीतने में सफलता हासिल की है. स्थानीय स्तर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है. एनसीपी के बागियों ने बीजेपी की मदद से पुणे में कृषि उत्पाद बाजार समिति पर एनसीपी प्रायोजित पैनल को हरा दिया है. करीब 20 साल बाद पुणे मार्केट कमेटी का चुनाव हुआ. लिहाजा इस मार्केट कमेटी के रिजल्ट पर सबका ध्यान गया. कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी.
भोर में कांग्रेस का परचम
वहीं भोर में कृषि उपज मंडी समिति पर एक बार फिर कांग्रेस का झंडा फहराया गया है. भोर कृषि उपज मंडी समिति पर कांग्रेस अकेले हाथ सत्ता में आ गई है. कांग्रेस के खिलाफ सभी दलों के एक साथ लड़ने के बाद भी कांग्रेस ने 18 में से 18 सीटों पर जीत हासिल की है.
गौरतलब है कि APMC मंडियों के चुनाव पार्टी के सिंबल पर नहीं लड़े गए लेकिन उसके बावजूद इन पार्टियों के जीत की चर्चा राजनीतिक गलियारों में जोदार हो रही है. पूरे चुनाव नतीजों कोदेखें तो MVA का वर्चस्व इस चुनाव में देखने मिला.