कांग्रेस, शरद पवार गुट या उद्धव सेना, BMC चुनाव के नजरिए से समझें मुंबई का 'दादा' कौन?
BMC Election 2025: पिछले महाराष्ट्र चुनाव में महायुति की जीत के बाद महाविकास आघाड़ी (शिवसेना UBT, कांग्रेस, NCP-SP) विपक्ष में है. महानगरपालिका चुनाव में शिवसेना UBT मुंबई में सबसे बड़ा दल है.
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BMC Election 2025: पिछले साल (2024) के अंत में महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुआई में महायुति सरकार बनी. महायुति गठबंधन के तीन प्रमुख दलों- बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की. वहीं, दूसरी तरफ विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी के तीन प्रमुख दलों- कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और एनसीपी-शरदचंद्र पवार को करारी हार का सामना करना पड़ा. तीनों पार्टियां मिलकर भी 50 का आंकड़ा नहीं छू पाईं.
महाराष्ट्र की 288 सीटों में से उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी को 20, कांग्रेस को 16 और शरद पवार की एनसीपी-एसपी को 10 सीटें ही हासिल हुईं. मौजूदा राजनीति के हिसाब से उद्धव ठाकरे गुट, शरद पवार गुट और कांग्रेस को अगले लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव तक विपक्ष में रहना होगा.
निकाय और महानगर पालिका चुनाव में ताकत दिखाने का मौका
हालांकि, अभी भी राज्य के सभी दलों के पास महानगर पालिका चुनाव में ताकत दिखाने का मौका है. स्थानीय निकाय चुनाव और महानगर पालिका के चुनाव कब होंगे, इसपर अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन मुंबई जैसी महानगर पालिका जीतने के लिए हर राजनीतिक दल ने कमर कस ली है.
मुंबई की सभी लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिणाम
मुंबई में लोकसभा की 6 सीटें हैं, जिसमें शिवसेना यूबीटी के 3 सांसद, कांग्रेस की एक सांसद, बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के एक-एक सांसद चुनकर आए हैं. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मुंबई की 36 सीटों में एमवीए का प्रदर्शन लोकसभा के परिणाम से एकदम उल्टा हुआ. 36 में से 10 विधायक शिवसेना यूबीटी के हैं. वहीं, कांग्रेस के 3 विधायक चुनकर आए जबकि शरद पवार की एनसीपी का खाता नहीं खुला. इसके अलावा, बीजेपी ने 15, शिवसेना शिंदे ने 6 और एनसीपी ने एक सीट जीती. इसके अलावा, एक सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई थी.
बीएमसी में MVA की स्थिति
मुंबई महानगर पालिका के नज़रिए से बात की जाए तो, महाविकास अघाड़ी के तीनों दलों में शरद पवार की एनसीपी का एक भी विधायक चुनकर नहीं आया. एनसीपी-एसपी का जनाधार पहले भी मुंबई में कमजोर रहा है. मुंबई में शरद गुट की तरफ से नवाब मलिक पार्टी का चेहरा थे, लेकिन अब नवाब मलिक और उनके कार्यकर्ता अजित पवार के साथ हैं.
कांग्रेस के 3 चुने विधायकों में अमीन पटेल और असलम शेख अल्पसंख्यक बाहुल्य इलाके से और ज्योति गायकवाड़ धारावी की रिज़र्व सीट से चुनकर आईं. उद्धव की शिवसेना का जनाधार मुंबई में हमेशा रहा है. पार्टी के कुल 20 विधायकों में से 10 विधायक मुंबई से चुनकर आए हैं. वहीं, पिछले 3 दशक से शिवसेना का मेयर मुंबई में काबिज रहा है. 2017-2022 के कार्यकाल में भी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना रही और दूसरे नंबर पर बीजेपी थी.
मुंबई की राजनीति में उद्धव ठाकरे की पहुंच ज्यादा
महाराष्ट्र की राजनीति पिछले 5 साल में बहुत बदल गई है. राजनीति की करवट ने 25 साल पुराने दोस्तों को विरोधी और विरोधियों को एक मंच पर ला दिया, लेकिन मुंबई की राजनीति में एमवीए में आज भी बड़ी पार्टी उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ही है.
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